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लद्दाख में भारतीय सेना ने कैसे 'जुगाड़' से मुसीबतों पर पाई फतह, जानें

नौ महीनों से एलएसी पर जारी तनाव के बीच चीन ने सीमा से हटना शुरू कर दिया है.

नौ महीनों से एलएसी पर जारी तनाव के बीच चीन ने सीमा से हटना शुरू कर दिया है.

Lieutenant General YK Joshi on India-China Standoff: भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार चीन का नक्शा जिसे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा फिंगर 5 क्षेत्र के पास जमीन पर उकेरा गया था. जो कि अब वह वहां से हट रहे हैं.

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    नई दिल्ली. चीन और भारत के बीच तनातनी में कमी आने के बाद ड्रैगन पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे से अपने सैनिकों और सैन्य साजो-सामान को हटा रहा है. भारतीय सेना चीन की एक-एक हरकत पर कड़ी नजर बनाए हुई है. नादर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने आज सीएनएन न्यूज 18 के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि कैसे भारतीय सेना ने मुश्किल परिस्थितियों में ड्रैगन को टक्कर दी. उन्होंने बताया कि कई बार सेना के जवानों ने ‘जुगाड़’ तकनीक का इस्तेमाल कर मुश्किलों पर विजय पाई.

    इतनी ऊंचाई पर टैंक सोचा नहीं था
    लेफ्टिनेंट जनरल जोशी नेकहा, किसी ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि इतनी ऊंचाइयों पर टैंक होंगे. मैंने अपना पूरा जीवन लद्दाख में, ब्रिगेड, डिवीजन, सह-क्षेत्र की कमान संभालने में बिताया. 5 मई से पहले मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी स्थिति होगी, जिसमें पूर्वी लद्दाख में इस तरह का मूमेंट हो रहा है. फोर्स, गोला बारूद, कवच, तोप सब कुछ हम एलओसी के पास लेकर गए ये बहुत ही अकल्पनीय था. जवानों ने पूरी हिम्मत के साथ इस काम को अंजाम दिया.

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    जुगाड़ ने बनाए सारे काम!
    उन्होंने कहा कि चीनी सेना को पीछे भगाने और एलएसी पर सुविधाओं का इंतजाम करने के लिए सेना के जवानों ने कई तरह के जुगाड़ किए. उन्होंने कहा, पानी के लिए, टैंक को इतनी ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए कई तरह के जुगाड़ लगाए गए. क्योंकि मुश्किल हालातों में एक पारंपरिक तरीके से काम करना बहुत बड़ी चुनौती थी.

    पानी बना सेना के लिए बड़ा चुनौती
    सेना के एक अधिकारी ने कहा, शुरुआत में सीमा पर पानी सेनाओं के लिए एक समस्या थी. पानी लाने के लिए पहाड़ों पर चढ़ना एक समस्या है. शुरू में, हमें सैनिकों के लिए बोतलबंद पानी मिला. इसके बाद हमने इंजीनियरों को काम पर लगाया और हम लगभग 20 बोरवेलों को खोदने में सक्षम हुए.

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