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नगालैंड गोलीबारी घटना में भारतीय सेना का फैसला, मेजर रैंक के अधिकारी की अगुवाई में गठित की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी

नगालैंड गोलीबारी घटना में भारतीय सेना का फैसला, मेजर रैंक के अधिकारी की अगुवाई में गठित की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी

नगालैंड में घटनास्थल पर तैनात पुलिस (Photo by AFP)

नगालैंड में घटनास्थल पर तैनात पुलिस (Photo by AFP)

Nagaland Firing News: सेना के जवानों को प्रतिबंधित संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-के (एनएससीएन-के) के युंग ओंग धड़े के उग्रवादियों की गतिविधि की सूचना मिली थी और इसी गलतफहमी में इलाके में अभियान चला रहे सैन्यकर्मियों ने वाहन पर कथित रूप से गोलीबारी की, जिसमें छह मजदूरों की जान चली गई.

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    नई दिल्ली.  भारतीय सेना (Indian Army) ने एक मेजर जनरल रैंक के अधिकारी के तहत नगालैंड में 14 निहत्थे नागरिकों की हत्याओं (Nagaland Firing Incident) की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (Court of inquiry on Nagaland) का गठन किया है. सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी ANI के अनुसार सेना के सूत्रों ने बताया, ‘भारतीय सेना ने एक मेजर जनरल-रैंक के अधिकारी के तहत नगालैंड नागरिक हत्याओं की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन किया है. अधिकारी पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात है.’ नगालैंड में पुलिस ने बताया कि राज्य के मोन जिले में सुरक्षाबलों की कथित गोलीबारी में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि वह इस घटना की जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या यह गलत पहचान का मामला है. इस घटना के बाद हुई हिंसा में एक सैन्यकर्मी की भी मौत हो गई थी.

    इससे पहले सेना ने रविवार को इस मामले की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ का आदेश दिया थाऔर इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया. सैन्य अधिकारियों ने बताया कि म्यांमा की सीमा से लगने वाले मोन जिले में उग्रवादियों की संभावित गतिविधियों की विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया गया था. सेना ने कहा कि कई सुरक्षाकर्मी अभियान में गंभीर रूप से घायल हुए हैं और एक जवान की मौत हो गई है.

    यह भी पढ़ें: नगालैंड गोलीबारी में 14 लोगों की मौत पर पुलिस की FIR में कहा- सुरक्षाबलों ने की अंधाधुंध गोलीबारी, हत्या का था इरादा

    गोलीबारी की पहली घटना जिसमें छह लोग मारे गए थे, तब हुई जब सेना के जवानों ने शनिवार शाम को एक पिकअप वैन में घर लौट रहे कोयला खदान कर्मियों को प्रतिबंधित संगठन एनएससीएन (के) के युंग आंग गुट से संबंधित उग्रवादी समझ लिया.

    क्या है मामला?
    मिली जानकारी के अनुसार सेना के जवानों को प्रतिबंधित संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-के (एनएससीएन-के) के युंग ओंग धड़े के उग्रवादियों की गतिविधि की सूचना मिली थी और इसी गलतफहमी में इलाके में अभियान चला रहे सैन्यकर्मियों ने वाहन पर कथित रूप से गोलीबारी की, जिसमें छह मजदूरों की जान चली गई.

    उधर रविवार को रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (कोहिमा) लेफ्टि. कर्नल सुमित के शर्मा ने कहा था, ‘नगालैंड में मोन जिले के तिरु में उग्रवादियों की संभावित गतिविधियों की विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर इलाके में एक विशेष अभियान चलाए जाने की योजना बनाई गई थी. यह घटना और इसके बाद जो हुआ, वह अत्यंत खेदजनक है.’ (भाषा इनपुट के साथ)

    Tags: Indian army, Nagaland, Police

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