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Army Day की परेड में पहली बार कॉम्बैट स्वार्म ड्रोन का प्रदर्शन, जानें कैसे करता है यह काम

सेना दिवस परेड 2021 में कॉम्बैट स्वार्म ड्रोन
सेना दिवस परेड 2021 में कॉम्बैट स्वार्म ड्रोन

सेना दिवस पर दिल्ली स्थित करियप्पा परेड ग्राउंड में परेड का आयोजन किया गया. इस दौरान सेना के विभिन्न रेजीमेंट्स ने शक्ति प्रदर्शन कर देश को सुरक्षा का एहसास कराया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 15, 2021, 7:28 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय सेना के सेना दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित करियप्पा परेड ग्राउंड में परेड का आयोजन किया गया. इस दौरान सेना की विभिन्न  रेजीमेंट्स ने शक्ति प्रदर्शन कर देश को सुरक्षा का एहसास कराया. इस दौरान पहली बार भारतीय सेना ने दिल्ली में सेना दिवस परेड 2021 में कॉम्बैट स्वार्म ड्रोन का प्रदर्शन किया.

इस कॉम्बैट स्वार्म ड्रोन की मदद से बिना किसी इंसानी सहायता के दुश्मन के ठिकानों को निशाना बना सकते हैं. जब कई ड्रोन एक साथ मिलकर किसी मिशन पर लगाए जाते हैं तो इसे कॉम्बैट स्वार्म ड्रोन कहते हैं. सामरिक दुनिया की यह नई तकनीक आने वाले भविष्य में एक युद्ध या युद्ध जैसी परिस्थिति की पूरी तस्वीर बदलने का माद्दा रखते हैं. ये ड्रोन दुश्मन के इलाके में 50 किलोमीटर तक घुसकर मिशन को अंजाम दे सकते हैं. सेना दिवस की परेड में 75 सशस्त्र ड्रोनों ने उड़ान भरी


बता दें करियप्पा ग्राउंड में सेना दिवस के मौके पर भारतीय सेना ने सेना दिवस परेड में विभिन्न प्रकार के टैंक और मिसाइल सिस्टम को प्रदर्शित किया. परेड में सेना का कैवेलरी दस्ता, मिसाइल रेजीमेंट का ब्राह्मोस मिसाइल प्रणाली, रॉकेट रेजीमेंट का पिनाका, असॉल्ट इंजीनियर रेजीमेंट का ब्रिज बिल्डर भी प्रदर्शित किया गया. इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वॉर फेयर सिस्टम का संविजय भी परेड में था.





भारतीय सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा- नरवणे
दूसरी ओर सेना दिवस के मौके पर अपने संबोधन में थल सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे ने पाक और चीन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि किसी को भारतीय सेना के धैर्य की परीक्षा लेने की गलती नहीं करनी चाहिए, हालांकि वह उत्तरी मोर्चे पर जारी सीमा गतिरोध को बातचीत और राजनीतिक उपायों से हल करने को प्रतिबद्ध हैं. जनरल नरवणे ने कहा कि सीमा पर एकतरफा बदलाव की 'साजिश' का 'मुंह तोड़ जवाब' दिया गया है और पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.

जनरल नरवणे ने कहा, ' हम बातचीत और राजनीतिक प्रयासों के माध्यम से विवाद हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं लेकिन किसी को भी हमारे धैर्य की परीक्षा लेनी की गलती नहीं करनी चाहिए.' उन्होंने कहा, ' मैं आपको आश्वासन देता हूं कि गलवान के नायकों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. भारतीय सेना देश की अखंडता एवं सुरक्षा को कोई आंच नहीं आने देगी.'

उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारत और चीन के बीच आठ दौर की सैन्य वार्ता भी हुई है. उन्होंने कहा, 'हम आपसी और समान सुरक्षा के आधार पर वर्तमान स्थिति का समाधान खोजना जारी रखेंगे.'
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