India-China Faceoff: 3 दिन में 2 बार हुई घुसपैठ की कोशिश, जानें ब्लैक टॉप पर क्यों है चीन की नजर?

India-China Faceoff: 3 दिन में 2 बार हुई घुसपैठ की कोशिश, जानें ब्लैक टॉप पर क्यों है चीन की नजर?
चीन की सेना चुशूल सेक्टर में ब्लैक टॉप (Black Top) पर घुसपैठ की कोशिश की. (PTI)

India-China Rift: बातचीत की आड़ में चीन की सेना ने चुशूल सेक्टर में ब्लैक टॉप (Black Top) पर घुसपैठ की कोशिश की. भारतीय सेना (Indian Army) की ब्लैक टॉप पर चीनी सैनिकों के साथ झड़प भी हुई. भारत यहां मजबूत बढ़त बना चुका है. सेना ने यहां लगे चीनी उपकरणों को उखाड़कर फेंक दिया है. पढ़ें ये रिपोर्ट:-

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 2, 2020, 4:35 PM IST
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नई दिल्ली/लद्दाख. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्वी लद्दाख (Ladakh Dispute) में स्थित चुशूल में भारत और चीन (India-China Faceoff) के सैनिक फिर से आमने-सामने हैं. चीन की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तीन दिन में दो बार घुसपैठ की नाकाम कोशिशों के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. ब्रिगेडियर कमांडर स्तर की बातचीत के बीच चीनी सैनिकों ने 29-30 अगस्त की रात, फिर 31 अगस्त की रात को लद्दाख में दो जगहों पर हिमाकत दिखाई. हर बार उसे नाकामी हासिल हुई. इस बीच चीन का सबसे बड़ा फोकस ब्लैक टॉप (Black Top) है. भारतीय सेना ने यहां चीनी सैनिकों के जासूसी उपकरण उखाड़कर फेंक दिए हैं.

भारतीय सेना के स्पेशल कमांडोज़ ने दक्षिण पैंगोंग झील के पास ब्लैक टॉप की पहाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया है. वहीं, चीनी सेना को जवाब देने के लिए पैंगॉन्ग झील के दक्षिण छोर पर ब्लैक टॉप के इलाके में भारतीय सेना ने T-90 टैंक की रेजिमेंट एक्टिव कर दी है, जबकि, चीन ने पहाड़ों पर लड़ने वाले हल्के टैंक T-15 को लद्दाख में खास तौर पर तैनात किया है. भारतीय सेना के पास जो T-90 युद्धक टैंक हैं. वो युद्धभूमि में बेजोड़ है.





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