दलाई लामा के जन्मदिन के दिन चीनी सेना के भारतीय सीमा में घुसपैठ का दावा, सेना ने किया खंडन

सेना ने कहा कि लद्दाख के दामचोक इलाके में 6 जुलाई को चीन के लोगों ने लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) पार नहीं की थी.

News18Hindi
Updated: July 12, 2019, 8:12 PM IST
दलाई लामा के जन्मदिन के दिन चीनी सेना के भारतीय सीमा में घुसपैठ का दावा, सेना ने किया खंडन
सेना ने कहा कि लद्दाख के दामचोक इलाके में 6 जुलाई को चीन के लोगों ने लाइन ऑफ एक्‍चुअल पार नहीं किया था. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
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Updated: July 12, 2019, 8:12 PM IST
डोकलाम गतिरोध के 2 साल बाद एक बार फिर से चीन द्वारा भारतीय सीमा में घुसपैठ की खबर आई है. हालांकि भारतीय सेना ने ऐसी खबरों का खंडन किया है. सेना ने कहा कि लद्दाख के दामचोक इलाके में 6 जुलाई को चीन के लोगों ने लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) पार नहीं की थी.

दरअसल, ऐसी खबर आई थी कि चीन की सेना ने एक बार फिर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने की कोशिश की है. ऐसा कहा गया था कि चीन की पीपल्‍स लिबरेशन आर्मी ने जम्‍मू कश्‍मीर के लद्दाख में पूर्वी डेमचोक इलाके में 6 किलोमीटर अंदर घुसपैठ किया और अपना झंडा भी लहराया. यह घटना तब हुई जब वहां के स्‍थानीय निवासी तिब्‍बती धर्मगुरु दलाई लामा का जन्‍मदिन मना रहे थे. हालांकि भारतीय सेना ने इससे इनकार किया है.



दलाई लामा का जनमदिन
सूत्रों के अनुसार, लद्दाख में दलाई लामा के जन्‍मदिन के मौके पर बड़ा समारोह मनाया जा रहा था. जिसमें लद्दाख भी लोग भी शामिल थे. उस दौरान चीन की ओर से कुछ बैनर दिखाए जा रहे थे. बर्थ-डे सेलिब्रेशन के दौरान सीमा के दूसरी ओर कुछ 2-3 सिविल गाडि़यां पहुंची. जिसमें चीन के लोग मौजूद थे. वे एक लाल रंग का बड़ा बैनर लेकर आए थे. उस बैनर पर चीनी भाषा में लिखा था, Ban all activity to split Tibet'. इस बैनर को दिखाने वाले लगभग 11 लोग थे और वो वहां पर करीब 40 मिनट तक रुके थे. हालांकि सेना से इसकी पुष्टि नहीं की है.



चीन की सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल पार नहीं किया
भारतीय सेना ने कहा कि लद्दाख के दामचोक इलाके में 6 जुलाई का चीन की सेना और वहां के लोगों ने लाइन ऑफ कंट्रोल पार नहीं किया था. चीन के लोग अपनी सीमा में ही थे और वहीं से बैनर दिखा रहे थे. इससे पहले दावा किया जा रहा था कि चीनी सेना ने सिविल ड्रेस में लद्दाख सेक्‍टर में घुसपैठ की है.
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भारत ने दलाई लामा को दी है शरण
बता दें कि बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को भारत ने शरण दी है. चीन दलाई लामा की अपने देश या तिब्बत से सटे किसी भी इलाके में चहलकदमी पर आपत्ति जताता है. इसकी वजह से तिब्‍बत पर चीन का कब्‍जा. चीन ऐसा सोचता है कि दलाई लामा तिब्बत के संपर्क में रहकर चीनी आधिपत्य के खिलाफ लोगों में विरोध की चिंगारी फूंक सकते हैं.

दलाई लामा के मुद्दे पर चीन अक्‍सर भारत को घेरने की भी कोशिश करता रहता है. चीनी सैनिकों की लद्दाभ में घुसपैठ की खबरों पर अभी तक चीन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. भारत ने चीन की तरफ से अपनी सीमा में घुसपैठ की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है.

क्या था डोकलाम विवाद?
भारत और चीन के बीच लगभग 3.5 हजार किलोमीटर की एलओसी के बीच कई जगहें ऐसी हैं जहां सीमा रेखा को लेकर दोनों देशों के बीच एक राय नहीं है. इस वजह से अक्सर भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों के घुसपैठ की खबरें आती रहती हैं. चीन इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा मानता है और घुसपैठ की बात से इंकार करता है.

बता दें कि 16 जून 2017 को इस खबर से कि चीन भारत-भूटान और चीन की सीमा से लगे डोकलाम एरिया में सड़क बना रहा, भारतीय सुरक्षा हलके में जबरदस्त हलचल मच गई थी. भारतीय सेना ने चीनी सेना के इस निर्माण कार्य को रोक दिया और दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गयीं थीं. 73 दिन तक चले इसे तनाव पूर्ण हालात के दौरान चीन की मीडिया ने कई बार भारत को युद्ध और गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी. हालांकि 28 अगस्त 2018 को दोनों देशों ने आपसी समझ से इस मसले को सुलझा लिया.

 

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