रात के अंधेरे में जान पर खेलकर भारतीय सेना के जवानों ने बचाई बाढ़ में फंसे 150 लोगों की जान

मंगलवार रात भारतीय सेना ने असम में 150 लोगों को बाढ़ के पानी में डूबने से बचाया. इन लोगों में 60 महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.

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Updated: July 24, 2019, 9:03 PM IST
रात के अंधेरे में जान पर खेलकर भारतीय सेना के जवानों ने बचाई बाढ़ में फंसे 150 लोगों की जान
भारतीय सेना ने असम में 150 लोगों को बाढ़ से बचाया (फाइल फोटो)
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Updated: July 24, 2019, 9:03 PM IST
असम और बिहार में बाढ़ की हालत गंभीर बनी हुई है. इस दौरान पिछली रात तेज बारिश के दौरान असम के नलबारी जिले के बलीतारा गांव में बाढ़ का स्तर तेजी से बढ़ने लगा और लोगों के डूबने के आसार नज़र आने लगे. लोगों के बचाव कार्य के लिए तैनात भारतीय सेना को जैसे ही जानकारी मिली, सेना तुरंत लोगों के बचाव के लिए चल पड़ी. भारतीय सेना ने यहां पहुंचकर 150 लोगों को बाढ़ के पानी में डूबने से बचाया. इन लोगों में 60 महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.

भारतीय सेना के जवान इस बचाव अभियान के दौरान छोटे बच्चों को खुद अपनी गोद में लेकर बाढ़ से निकालते दिखे. वहीं महिलाएं और पुरुष घर से जरूरी सामान आदि पॉलिथिन में लेकर जाते दिखे. भारतीय सेना ने अपने जज्बे का परिचय देते हुए रात के अंधेरे में बाढ़ के पानी के बीच भीगते हुए लोगों को बचाते रहे.

बिहार-असम की बाढ़ में सबसे ज्यादा प्रभावित जिला सीतामढ़ी
दो दिन पहले आए आंकड़ों के अनुसार बिहार और असम इन दो राज्यों में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 166 हो चुकी है. एक अनुमान के मुताबिक इन दोनों ही राज्यों में कुल मिलाकर बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 1 करोड़ 11 लाख से ज्यादा बताई जा रही है.

बिहार का सीतामढ़ी जिला इस बाढ़ में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. पिछले शनिवार तक यहां पर बाढ़ से हुई मौतों का आंकड़ा 27 था.

काजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ के चलते हो चुकी है 205 जानवरों की मौत
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित सीतामढ़ी और दरभंगा जिलों का दौरा किया था. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारियों ने कहा कि कुल 1.79 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न थी और लगभग 90 प्रतिशत राइनो निवास स्थान - काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में पानी भरा हुआ है. हालांकि, गोलाघाट जिले के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और मोरीगांव जिले के पोबितोरा में पानी की निकासी शुरू हो गई थी. वन विभाग के सूत्रों ने कहा कि गैंडों, हाथियों, भैंसों और हिरण जैसे जानवरों ने जंगलों के भीतर बनाए गए कृत्रिम उच्च मैदानों पर शरण ली है.
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इसके अलावा काजीरंगा नेशनल पार्क असम में अभी तक बाढ़ में डूबकर मरने वाले जानवरों का आधिकारिक आंकड़ा 205 हो चुका है.

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First published: July 24, 2019, 7:28 PM IST
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