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India-China News : भारतीय सेना के सर्विलांस से खौफ में चीन, छुपकर मूवमेंट कर रही PLA

India-China News : भारतीय सेना के सर्विलांस से खौफ में चीन, छुपकर मूवमेंट कर रही PLA

चीनी सेना सीक्रेट मूवमेंट कर रही है. (फाइल फोटो)

चीनी सेना सीक्रेट मूवमेंट कर रही है. (फाइल फोटो)

India-China LAC Face off: भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बीते 18 महीने से विवाद जारी है. इस बीच भारत ने LAC पर अपनी स्थिति बहुत मजबूत की है. अब भारतीय सेना के सर्विलांस सिस्टम के कारण चीनी सेना सीक्रेट मूवमेंट कर रही है.

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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में चीन ने सीमा विवाद (LAC Border Dispute) को बढ़ाने के लिए अप्रैल-मई 2020 से कई महीने पहले सेना (PLA) का मूवमेंट तेज कर दिया था. अभ्यास के नाम पर चीनी सेना डेप्थ एरिया (Depth Area) में आती थी और वहीं पर टिक जाती थी. इस तरह के मूवमेंट पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों (Indian Security Agencies) की हमेशा से निगाह थी. और उसके बाद 18 महीने पहले वही हुआ जिसका अंदेशा था. इसके बाद अब तक का सबसे लंबा विवाद शुरू हुआ है.

इसके बाद जून में गलवान घाटी में गंभीर संघर्ष हुआ जिसके बाद से विवाद लगातार जारी है. भारतीय सेना ने भी चीन के ऐसे मूवमेंट को ध्यान में रखकर सैनिकों को पूर्वी लद्दाख में तैनात किया और चीन को बैकफुट पर जाना पड़ा. लेकिन अब चीन अपने मूवमेंट को भारतीय सेना के सर्विलांस सिस्टम की नजर से बचाने में जुटा है.

चीन कर रहा सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल
खुफिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि चीन लद्दाख में अपने नेविगेशन सिस्टम बीदॉ (Chinese navigation system Beidou) का बड़ी ही सावधानी से इस्तेमाल कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक 24 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच चीनी नेविगेशन टर्मिनल की सक्रियता कम देखी गई है. इसका मतलब ये नहीं कि उसके सिस्टम में कोई खराबी है बल्कि वो भारतीय सेना की नजर से बचकर उत्तरी सीमा पर अपनी सेना की मूवमेंट करा रहा है.

जानकारों की मानें तो बीडॉ सिस्टम का इस्तेमाल चीनी सेना द्वारा चुनिंदा मौकों पर किया जा रहा है. और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस बात की जानकारी के लिए किया जा रहा है कि मूवमेंट अपने गंतव्य तक पहुंचा या नहीं.

अगर हम इस नेविगेशन सिस्टम की बात करें तो चीन ने ये सिस्टम अपने सैन्य और सिविल इस्तेमाल के लिए लॉन्च किया था. चीन अपनी महत्वपूर्ण जानकारियां और मूवमेंट को दुनिया की नजर से छिपाने और अमेरिकी नेविगेशन सिस्टम जीपीएस से निर्भरता को खत्म करने के लिए किया था.

90 के दशक में सर्विलांस सिस्टम विकसित किया था
चीन ने 90 के दशक से ही इस प्रणाली को विकसित करना शुरू किया और रिपोर्ट के मुताबिक साल 2000 में पहला उपग्रह लॉन्च किया था. चीन एशियाई क्षेत्र में अपने विकसित किए गए नेविगेशन में अपने इस नेटवर्क को फैलाना चाहता है.

भारतीय सेना के सर्विलांस से खौफ
यही नहीं चीनी सैटेलाइट नेविगेशन ऑफिस ( CSNO) ने बीदॉ को पाकिस्तान में रडार स्टेशन नेटवर्क स्थापित करने की मंजूरी दी है. उधर चीन की हर हलचल पर भारतीय सेना भी अपने सर्विलांस को इतना चाकचौबंद किया कि उसने बीडॉ नेविगेशन सिस्टम के कम इसेतमाल को भी पकड़ लिया.

Tags: India china border dispute, India china ladakh

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