बर्फीली ठंड में भी चीन के मंसूबे को नाकाम करेंगे भारतीय जवान, अब पहनेंगे अमेरिका से आए खास कपड़े

अत्यधिक ठंडे मौसम के कपड़ों के आपातकालीन अधिग्रहण से भारतीय सेना के जवानों को लद्दाख सेक्टर में कठोर सर्दियां में काफी मदद मिलेगी.
अत्यधिक ठंडे मौसम के कपड़ों के आपातकालीन अधिग्रहण से भारतीय सेना के जवानों को लद्दाख सेक्टर में कठोर सर्दियां में काफी मदद मिलेगी.

cold weather clothing from America: भारतीय सेना भीषण ठंड के लिए अपने पास करीब 60 हजार सैनिकों के हिसाब से विशेष कपड़ों का स्टॉक रखती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 4:42 PM IST
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नई दिल्ली. चीन सीमा (India-China Border) पर तैनात भारतीय सैनिकों (Indian Army) को अत्यधिक ठंड से बचाने के लिए अमेरिकी गर्म कपड़ों की पहली खेप भारत पहुंच गई है. अब सरहद पर दुश्मनों से रक्षा के लिए खड़े जवानों को सीमा पर अत्यधिक ठंड से राहत मिल सकेगी.

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा बलों द्वारा भीषण सर्दी में उपयोग होने वाले कपड़ों की पहली खेप भारत भेजी गई है. सूत्रों ने बताया है कि भारतीय सेना भीषण ठंड के लिए अपने पास करीब 60 हजार सैनिकों के हिसाब से विशेष कपड़ों का स्टॉक रखती है. सूत्रों का कहना है कि इन सेटों में से लगभग 30,000 अतिरिक्त की आवश्यकता थी, क्योंकि LAC के साथ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की आक्रामकता को देखते हुए इस क्षेत्र में 90,000 के करीब सैनिक तैनात हैं.

कड़ाके की ठंड में कपड़े दिलाएंगे राहत
अत्यधिक ठंडे मौसम के कपड़ों के आपातकालीन अधिग्रहण से भारतीय सेना के जवानों को लद्दाख सेक्टर में कठोर सर्दियां में काफी मदद मिलेगी. भारतीय पक्ष ने एलएसी पर दो अतिरिक्त डिवीजनों को तैनात किया है. भारत को अमेरिका से कई उपकरण भी मिल रहे हैं, जिनमें विशेष बलों के लिए कई असॉल्ट राइफलें और साथ ही पैदल सेना के जवानों के लिए SiGSauer असॉल्ट राइफलें शामिल हैं.




खास एग्रीमेंट के तहत खरीदे गए कपड़े
भारत और अमेरिका (America) के बीच लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम एग्रीमेंट (LEMOA) के तहत इन कपड़ों की खरीद की जा रही है. इस समझौते के तहत दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच लॉजिस्टिक सपोर्ट, कपड़े, भोजन, स्पेयर पार्ट्स, चिकित्सा सेवाएं सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता है.
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