होम /न्यूज /राष्ट्र /देश आज मना रहा सर्जिकल स्ट्राइक की छठीं बरसी, URI हमले में शहीद हुए थे 19 जवान

देश आज मना रहा सर्जिकल स्ट्राइक की छठीं बरसी, URI हमले में शहीद हुए थे 19 जवान

भारतीय सेना ने छह साल पहले यानी 28-29 सितंबर 2016 की रात को पीओके में घुसकर सर्ज‍िकल स्‍ट्राइक की थी. (फाइल फोटो)

भारतीय सेना ने छह साल पहले यानी 28-29 सितंबर 2016 की रात को पीओके में घुसकर सर्ज‍िकल स्‍ट्राइक की थी. (फाइल फोटो)

Surgical Strike Day 2022: शहीद जवानों की मौत का बदला लेने के ल‍िए भारतीय सेना (Indian Army) ने छह साल पहले यानी 28-29 स ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

28-29 सितंबर 2016 की रात को पीओके में घुसकर की गई थी सर्ज‍िकल स्‍ट्राइक
भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान परस्त 50 से ज्यादा आतंकियों को मार ग‍िराया था
उरी में सेना कैंप पर हमले का सेना ने दिया था मुंहतोड़ जवाब

नई द‍िल्‍ली. जम्‍मू-कश्‍मीर के उरी (URI Surgical Strike anniversary) में सेना के कैंप पर क‍िए हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे. इन सभी शहीद जवानों की मौत का बदला लेने के ल‍िए भारतीय सेना (Indian Army) ने छह साल पहले यानी 28-29 सितंबर 2016 की रात को पीओके में घुसकर सर्ज‍िकल स्‍ट्राइक की थी. और पाकिस्तान परस्त 50 से ज्यादा आतंकियों को मार ग‍िराया था. भारतीय सेना की इस सर्ज‍िकल स्‍ट्राइक ने दुन‍िया को चौंका द‍िया था. आज देश इस सर्ज‍िकल स्‍ट्राइक की छठीं सालग‍िरह मना रहा है.

बताते चलें क‍ि केंद्र सरकार ने एक दिन पहले ही देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति की है. सीडीएस ब‍िप‍िन रावत की 9 माह पहले आकस्मिक मृत्यु के बाद से यह पद र‍िक्‍त था. लेक‍िन केंद्र सरकार ने बुधवार को देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के तौर पर र‍िटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान की न‍ियुक्‍त‍ि की है. खास बात यह है क‍ि सर्जिकल स्ट्राइक की व्यूह रचना में नवन‍ियुक्‍त सीडीएस र‍िटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अन‍िल चौहान की अहम भूमिका थी.

बालाकोट स्‍ट्राइक में निभाई अहम भूमिका, डोभाल के साथ भी काम कर चुके हैं अनिल चौहान

आज से छह साल पहले हुई सर्जिकल स्ट्राइक की बात करें तो 28-29 सितंबर 2016 की रात्र‍ि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन रक्षामंत्री स्व. मनोहर पर्रिकर, तत्कालीन सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग, तत्कालीन डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह और उत्तरी कमान के तत्कालीन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल दीपेंद्र सिंह हुड्डा और एनएसए अजीत डोभाल ने पूरी तरह से सुगठित रणनीति के तहत इसको अंजाम दिया था. इस सुगठ‍ित रणनीत‍ि में भारतीय सेना ने पीओके में घुसकर 50 से ज्यादा आतंक‍ियों को मार ग‍िराया था.

गौरतलब है क‍ि 18 सितंबर 2016 को उरी में आतंकियों ने सेना कैंप पर हमला कर द‍िया था. इसमें भारतीय सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले को लेकर पूरे देश में जबर्दस्‍त आक्रोश देखा गया. भारत सरकार ने भी देश की भावनाओं का सम्‍मान करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई  और सेना ने पीओके में घुसकर आतंकियों को मार ग‍िराया. स्ट्राइक के बाद अंतरराष्‍ट्रीय बि‍रादरी में पाक‍िस्‍तान भले ही च‍िल्‍लाता रहा, लेक‍िन दुन‍िया में भारतीय सेना के साहस, सरकार की कुशल रणनीत‍ि ने सभी को चौंका द‍िया था.

बात दें कि सर्जिकल स्ट्राइक का ऑपरेशन पूरी तरह से गोपनीय स्‍तर पर तैयार क‍िया गया था. इसकी जानकारी सिर्फ चुन‍िंदा 7 लोगों को ही थी. बाकी क‍िसी को भी इस रणनीत‍ि के बारे में भनक तक नहीं लगी थी. पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल ऑपरेशन के लिए कमांडो को मात्र 2 घंटे का ही वक्‍त दिया गया था. आसमान में करीब 35 हजार फुट की ऊंचाई से भारतीय वायुसेना इस ऑपरेशन की मॉनि‍टर‍िंग कर रही थी, इसमें डोगरा और बिहार रेजिमेंट के कुल 125 कमांडो शाम‍िल क‍िए गए थे. दोनों रेजिमेंट से तैयार स्‍पेशल ज्‍वाइंट पैरा कमांडो ने इस कार्रवाई को सफल अंजाम द‍िया था. यह सभी कमांडो पीओके में पैदल मार्ग से ही घुसे थे और ऑपरेशन को अंजाम देकर सकुशल वापस लौटे थे.

Tags: CDS, Indian army, PM Modi, Surgical Strike, Terrorist attack

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें