सेना अगले साल तक बनाएगी नए आक्रामक जंगी समूह, टैंक से लेकर लड़ाकू विमान से होंगे लैस

सेना बनाएगी खास जंगी समूह. (File pic)

सेना बनाएगी खास जंगी समूह. (File pic)

Indian Army: पहला इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) 2022 की शुरुआत में स्‍थापित कर दिया जाएगा. इसमें 5000 जवान होंगे. इसके अलावा इन आईबीजी में टैंक, तोप, एयर डिफेंस सिस्‍टम, सिग्‍नल, इंजीनियर और अन्‍य जरूरी संसाधन उपलब्‍ध होंगे.

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नई दिल्‍ली. भारतीय सेना (Indian Army) अपनी ताकत और बढ़ाने जा रही है. इसके तहत सेना आत्‍मनिर्भर जंगी समूह (Self Contained Fighting Units) बनाएगी. इन यूनिट का नाम इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) होगा. यह जरूरत के समय जल्‍द से जल्‍द तैनात हो पाएंगी और इनकी मारक क्षमता भी अधिक होगी. ये यूनिट सभी जरूरी गोला बारूद और अन्‍य साजोसामान से लैस होंगी. इनके जरिये जरूरत के समय पाकिस्‍तान और चीन को कड़ी टक्‍कर देने में मदद मिलेगी.

पहला इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप 2022 की शुरुआत में स्‍थापित कर दिया जाएगा. इसमें 5000 जवान होंगे. इसके अलावा इन आईबीजी में टैंक, तोप, एयर डिफेंस सिस्‍टम, सिग्‍नल, इंजीनियर और अन्‍य जरूरी संसाधन उपलब्‍ध होंगे. सेना अपनी 9 कॉर्प्‍स, 17 कॉर्प्‍स (पानगढ़) और 33 कॉर्प्‍स (सुकना) से पहले 8 से 10 आईबीजी का निर्माण करेगी. सेना के पास कुल 14 कॉर्प्‍स हैं. इनमें प्रत्‍येक में 40 हजार से 70 हजार सैनिक होते हैं.

इन आईबीजी की कमान मेजर जनरल रैंक के अफसर के हाथ होगी. ये आईबीजी ब्रिगेड से बड़े होंगे और डिवीजन से छोटे होंगे. ब्रिगेड में 3000 जवान होते हैं तो वहीं डिवीजन में 12 हजार जवान होते हैं. एक अफसर का कहना है कि प्रारंभिक दौर में 8 से 10 आईबीजी का निर्माण किया जाएगा. इसे बाद कुछ वर्षों में और अधिक आईबीजी बनाए जाएंगे. विभिन्‍न टास्‍क, खतरे और जमीनी हालात के अनुसार अलग-अलग आईबीजी बनाए जाएंगे.



टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे का कहना है कि आईबीजी का निर्माण हमारी परिचालन विचार प्रक्रिया की दिशा में एक तार्किक कदम है. उनका कहना है कि आईबीजी की स्‍थापना की प्रक्रिया चल रही है और हम आंतरिक रूप से विचार विमर्श कर रहे हैं कि भविष्‍य में होने वाली जंग में इसकी रूपरेखा कैसी होगी.

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