PAK सीमा पर सेना की नई रणनीति, युद्ध होने पर इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स देंगे करारा जवाब

अब भारतीय सेना पाकिस्तान से लगने वाली सीमाओं पर नए इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी) की स्‍थापना करने जा रही है.

News18Hindi
Updated: June 20, 2019, 6:12 AM IST
PAK सीमा पर सेना की नई रणनीति, युद्ध होने पर इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स देंगे करारा जवाब
प्रतीकातमक तस्वीर
News18Hindi
Updated: June 20, 2019, 6:12 AM IST
भारत लगातार सीमा पर अपनी शक्ति बढ़ा रहा है. इसी कड़ी में अब भारतीय सेना पाकिस्तान से लगने वाली सीमाओं पर नए इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी) की स्‍थापना करने जा रही है. युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान और चीन की सेनाओं को भारतीय सेना के इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स करारा जवाब देंगे. आईबीजी को सबसे पहले इस साल अक्टूबर में पाकिस्तान की सीमा पर तैनात किया जाएगा.

सेना के सूत्रों के मुताबिक, 'इस साल अक्टूबर तक पाकिस्तान सीमा पर हम दो से तीन आईबीजी बनाना शुरू करने जा रहे हैं. इसके बाद चीन की सीमा पर भी  बैटल ग्रुप्स का विस्तार होगा.'

सेना के सूत्रों के मुताबिक, आईबीजी सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत के प्रयासों का परिणाम है. हाल ही में रक्षा मंत्रालय की कमान संभालने वाले राजनाथ सिंह ने भी कहा है कि वह सेना के आधुनिकीकरण में पूरा सहयोग करेंगे.

कमांडरों ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया

सेना के सूत्रों के मुताबिक पश्चिमी कमांड ने आईबीजी की क्षमता को परखने के लिए एक अभ्यास भी किया था. पिछले हफ्ते सेना के 7 कमांडर्स की बैठक में आईबीजी को लेकर युद्ध कक्ष में विस्तार से चर्चा की गई थी. अभ्यास के दौरान आईबीजी के दो प्रकार के विन्यासों का परीक्षण किया है, जिनमें से एक का रोल क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशन्स में आक्रमक भूमिका निभाने का होगा और दूसरा दल दुश्मन के हमले रोकने और अपने क्षेत्र का बचाव करने का काम करेगा.

इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स में होंगे 5 हजार जवान 

रिपोर्ट के मुताबिक, आईबीजी की कमान मेजर जनरल को सौंपे जाने की योजना है. प्रत्येक आईबीजी दल में 5 हजार जवान होंगे जबकि मौजूदा ब्रिगेड में 3-4 यूनिट होती है और हर यूनिट में करीब 800 जवान होते हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 20, 2019, 6:05 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...