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सेना ने नॉर्थ-ईस्ट में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की ‘फर्जी खबरों’ से लोगों को किया सावधान

भाषा
Updated: December 14, 2019, 8:24 PM IST
सेना ने नॉर्थ-ईस्ट में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की ‘फर्जी खबरों’ से लोगों को किया सावधान
सेना ने फर्जी खबरों के प्रति सतर्क रहने को कहा है (फाइल फोटो, PTI)

भारतीय सेना (Indian Army) ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल (Official Twitter Handle) से ट्वीट किया है, “कृपया गलत सूचना फैलाने से बचिए. कुछ (लोग) गलत इरादे से सोशल मीडिया (Social Media) पर अफवाह फैला रहे हैं. ऐसी फर्जी खबरों से सावधान रहें.”

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नई दिल्ली. संशोधित नागरिकता कानून (Amended Citizenship Law) को लेकर पूर्वोत्तर (North-East) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सेना ने शनिवार को लोगों को सावधान किया कि वे सुरक्षा बलों के खिलाफ “फर्जी खबरों” के झांसे में न आएं.

सेना ने कई सोशल मीडिया एकाउंट्स (Social Media Accounts) के स्क्रीनशॉट का एक कोलाज (A collage of screenshots) पोस्ट किया है और कहा है कि ये सुरक्षा बलों (Security Forces) के खिलाफ गलत खबरें फैला रहे हैं. इन पोस्टों में सेना पर प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार करने के आरोप लगाए गए हैं.

कुछ लोग गलत इरादे से सोशल मीडिया पर फैला रहे अफवाह: सेना
भारतीय सेना ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल (Official Twitter Handle) से ट्वीट किया है, “कृपया गलत सूचना फैलाने से बचिए. कुछ (लोग) गलत इरादे से सोशल मीडिया पर अफवाह फैला रहे हैं. ऐसी फर्जी खबरों से सावधान रहें.”

संसद में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित होने के बाद पूर्वोत्तर (North-East) में उग्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिला.

असम सरकार के कर्मचारियों ने की काम के बहिष्कार की घोषणा
इससे पहले शनिवार को असम सरकार (Assam Government) के कर्मचारियों (Employees) ने घोषणा की है कि वे 18 दिसंबर को नागरिकता बिल (Citizenship Act) का विरोध करते हुए काम नहीं करेंगे.सदोउ असम कर्मचारी परिषद् (SAKP) के अध्यक्ष बसब कलिता (Basab Kalita) ने बताया कि पूरे राज्य में राज्य सरकार के सभी कर्मचारी 18 दिसंबर को अपने कार्यालयों में नहीं जाएंगे.

उत्तर-पूर्व के राज्यों सहित देश के तमाम हिस्सों में नागरिकता कानून को लेकर हो रहे प्रदर्शन
बता दें कि नए नागरिकता कानून (Citizenship act 2019) के खिलाफ उत्तर-पूर्व के राज्यों, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के तमाम हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है. नए कानून के तहत, पाकिस्तान (Pakistan), बांग्लादेश (Bangladesh) और अफगानिस्तान (Afghanistan) से हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के जो सदस्य धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आ गए हैं, उन्हें अवैध प्रवासी नहीं समझा जाएगा और भारत की नागरिकता दी जाएगी.

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First published: December 14, 2019, 8:24 PM IST
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