चीन सीमा पर भारतीय सेना है काफी ताकतवर, हर सूरत में पड़ेगी भारी

चीन सीमा पर भारतीय सेना है काफी ताकतवर, हर सूरत में पड़ेगी भारी
चीन की सीमा पर भारत के ढाई लाख सैनिक तैनात हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारत और चीन की सीमा (India-China Border) पर तैनात भारतीय सेना (Indian Army) के जवानों की संख्या ढाई लाख के करीब है. इसमें से टैंक ब्रिगेड में 3000 से ज़्यादा और ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल रेजिमेंट में 1000 से ज़्यादा सैनिकों को तैनात किया गया है.

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नई दिल्ली. लद्दाख सीमा (Ladakh LAC) पर भारत और चीन ((India- China Rift) के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए. हिंसक झड़प में चीन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इस घटना में चीन के 45 सैनिक हताहत बताए जा रहे हैं. दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से सयंम बरतने की अपील की है. ऐसे में अब इस पर भी बहस तेजी हो गई है कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बनते हैं तो क्या होगा...

बेलफर सेंटर फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल अफेयर्स ने भारत और चीन की सेना की ताकत को लेकर एक रिसर्च की है. इस रिसर्च के मुताबिक, भारत और चीन की सीमा पर भारतीय सेना की संख्या ढाई लाख के करीब है. इसमें से टैंक ब्रिगेड में 3000 से ज़्यादा और ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल रेजिमेंट में 1000 से ज़्यादा सैनिकों को तैनात किया गया है. इसी तरह नॉर्दर्न कमांड में 35 हजार, सेंट्रल कमांड में 16 हजार, और इस्टर्न कमांड में पौने दो लाख से ज़्यादा सैनिकों की तैनाती की गई है.

वहीं, चीन के वेस्टर्न थियेटर कमांड, तिब्बत और जिंगजियान मिलिट्री डिस्ट्रिक में दो लाख 30 हजार सैनिक मौजूद हैं. लड़ाई के हालात में इनमें से ज़्यादातर सैनिकों को चीन लड़ाई के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकेगा. इसका सबसे बड़ा कारण है कि इनमें से काफी संख्या में सैनिक रूस, तिब्बत और जिंगजियान में जारी अस्थिरता से निपटने के लिए रिजेर्व में रखे गए हैं. हाल ही में चीन ने अपने सात मिलिट्री रीजन का नए सिरे से गठन किया है, जिसमें से पांच थियेटर कमांड भी बदले गए हैं.



भारतीय सीमा से लगते वेस्टर्न थियेटर कमांड में लगभग 90 हज़ार से 1 लाख 20 हज़ार सेना को 76 और 77 ग्रुप आर्मी में बांटा गया है. इन ग्रुप आर्मी हेडक्वाटर का मुख्यालय भी वेस्टर्न चीन के चांगक्वींग और बाओजी बनाया गया है और इसकी सबसे बड़ी वजह है तिब्बत और ज़िंगजियान में जारी तनाव और अस्थिरता. तिब्बत से लगती भारत की सीमा पर तकरीबन 40 हजार सैनिक तैनात हैं तो नॉर्थ तिब्बत के ज़िंगजियान में 70,000 सैनिक मौजूद हैं.
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लद्दाख में चीन की बौखलाहट का ये है कारण
लद्दाख में किसी भी तरह के विवाद के मद्देनज़र चीन सबसे पहले सेना की मूवमेंट जिंगजियान मिलिट्री रीजन से ही करेगा और उसके बाद तिब्बत मिलिट्री रीजन से तैनाती होगी.चीन लंबे समय से अपनी सेना और सीमा तक मूवमेंट के लिए विकास का काम कर रहा है. तिब्बत में चीन ने सड़कों का जाल बिझा दिया है. अब जब भारत ने सीमा पर विकास कार्य किया तो उसे ये बर्दाश्त नहीं हो रहा है.



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