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    48 साल पहले मारे गए अपने सैन्य अधिकारी को नहीं ले गया पाकिस्तान, भारतीय सेना ने उसे दिया खास सम्मान

    पाकिस्तानी सैनिक मेजर मोहम्मद शाबिर खान की कब्र (तस्वीर- चीनार कॉप्स)
    पाकिस्तानी सैनिक मेजर मोहम्मद शाबिर खान की कब्र (तस्वीर- चीनार कॉप्स)

    भारत-पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक फॉरवर्ड पोस्ट पर सैन्य कार्रवाई के दौरान मारे गए सैनिक को पाकिस्तान (Pakistan) लेकर नहीं गया. इस बात को 48 साल बीत चुके हैं, लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) अपने विश्वास पर अडिग है और उसने पाकिस्तानी सैनिक को खास सम्मान दिया है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 16, 2020, 11:59 AM IST
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    श्रीनगर. भारतीय सेना (Indian Army) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के नौगाम सेक्टर में मौजूद एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी की कब्र की मरम्मत कर दी. श्रीनगर की चिनार कमान (Chinar Corps) ने कब्र की तस्वीर ट्विटर पर साझा की, जिसमें लिखा है, ‘सितार-ए-जुर्रत मेजर मोहम्मद शबीर खान की याद में, जिनका इंतकाल पांच मई 1972, हिजरी संवत 1630 में नौ सिख की जवाबी कार्रवाई में हुआ.’

    सेना ने कहा कि शहीद सैनिक चाहे वह किसी भी देश का हो, मौत के बाद सम्मान और आदर का हकदार है और भारतीय सेना इस विश्वास के साथ खड़ी है. यह भारतीय सेना द्वारा दुनिया को संदेश है.

    चीनार कमान ने लिखा- 'भारतीय सेना की परंपराओं और प्रकृति को ध्यान में रखते हुए चिनार कोर ने पाकिस्तान सेना के सितार-ए-जुर्रत मेजर मोहम्मद शब्बीर खान की क्षतिग्रस्त कब्र को फिर से ठीक किया जो 05 नवंबर, 1972 को नौगाम सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास एक सैन्य कार्रवाई में मारे गए थे. '





    चिनार कॉर्प्स ने लिखा,  'एक मृत सैनिक, चाहे वह जिस देश का हो सम्मान का हकदार है. भारतीय सेना इस विश्वास का सम्मान करती है. दुनिया के लिए यह भारतीय सेना का संदेश है.' श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने कब्र की एक तस्वीर ट्वीट की, जिसमें लिखा था, 'मेजर मोहम्मद शबीर खान की याद में, सितार-ए-जुर्रत  05 मई 1972 को 1630 एच, 9 सिखों के साथ काउंटर अटैक में मारे गए.'
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