अमेरिकी कंपनी के साथ मिलकर कोविड-19 की वैक्सीन बनाएगी भारत की यह बायोटेक फर्म

अमेरिकी कंपनी के साथ मिलकर कोविड-19 की वैक्सीन बनाएगी भारत की यह बायोटेक फर्म
REUTERS/Dado Ruvic/Illustration/ News18.com

दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैक्सीन (Covid19 Vaccine) बनाने का काम चल रहा है. कई देशों में रिसर्च और डेवलपमेंट पर काम जारी है.

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मुंबई. भारतीय बायोटेक फर्म Panacea बायोटेक लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि वह कोविड-19 के लिए संभावित वैक्सीन बनाने के लिए अमेरिका स्थित रेफाना इंक ( Refana Inc) के साथ साझेदारी करेगी. Panacea ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए एक बयान में कहा, 'इस साझेदारी का उद्देश्य वैक्सीन की 500 मिलियन यानी 50 करोड़ से अधिक खुराक बनाना है.'

बयान में कहा गया है '40 मिलियन यानी 4 करोड़ से अधिक खुराक अगले साल की शुरुआत में उपलब्ध होने की उम्मीद है.' इस खबर के बाद भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सुबह के कारोबार में Panacea के शेयर्स में 20 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया.

इससे पहले 21 मई को भारतीय दवा कंपनी स्ट्राइड्स फार्मा साइंस लिमिटेड (Strides Pharma Science Ltd) ने गुरुवार को कहा कि उसे एंटीवायरल ड्रग फेविपिराविर का क्लिनिकल ट्रायल (antiviral drug favipiravir) करने के लिए मंजूरी मिल गई है. फेविपिराविर को COVID​-19 के लिए संभावित उपचार माना जा रहा है.



इस देसी कंपनी को भी मिल चुकी है ट्रायल की परमिशन
स्ट्राइड्स के फाउंडर और नॉन-एक्जिक्यूटिव चेयरमैन अरुण कुमार ने बिना कोई ज्यादा जानकारी दिये कांफ्रेंस कॉल पर कहा था कि बेंगलुरु की इस कंपनी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से देश में फेविपिराविर का ट्रायल करने की मंजूरी मिल गई है.

वहीं ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने बीते महीने घोषणा की थी कि वह देश की पहली फार्मा कंपनी बन गई है, जिसे फेविपिराविर का ट्रायल करने की परमिशन मिली है. मुंबई स्थित कंपनी ने देर से क्लिनिकल ट्रायल शुरू किया है और जुलाई या अगस्त तक स्टडी के परिणाम की उम्मीद है.

Favipiravir को जापान के Fujifilm Holdings Corp की एक इकाई द्वारा ब्रांड नाम Avigan के तहत निर्मित किया गया है और 2014 में देश में फ़्लू के दवा के रूप में उपयोग करने के लिए स्वीकृति दी गई थी. हालांकि, बुधवार को क्योडो न्यूज ने बताया कि अभी तक एविगन द्वारा किये गये कुछ क्लिनिकल ट्रायल्स में कोरोना वायरस के उपचार के कोई संकेत नहीं है.

दुनिया भर में कोरोना की वैक्सीन बनाने का काम जारी
बता दें दुनिया भर में कोरोना की वैक्सीन बनाने का काम चल रहा है. कई देशों में रिसर्च और डेवलपमेंट पर काम जारी है. इस बीच भारत में लगातार छठे दिन बुधवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस के 9,500 से अधिक मामले सामने आए और 279 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,76,583 हो गई है और 7,745 लोग इस बीमारी से जान गंवा चुके हैं.

वहीं जॉन्स हॉप्किन्स विश्वविद्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अमेरिका, ब्राजील, रूस और ब्रिटेन के बाद भारत कोविड-19 से सबसे बुरी तरह प्रभावित पांचवां देश है. मंत्रालय ने बताया कि देश में अब भी 1,33,632 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 1,35,205 लोग स्वस्थ हो गए और एक मरीज देश छोड़कर चला गया.  बताया कि , ‘अभी तक 48.99 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो चुके हैं.’ संक्रमितों की कुल संख्या में विदेशी भी शामिल हैं.
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