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अंतरिक्ष में बेहद करीब से गुजरीं भारत और रूस की सैटेलाइट, टक्‍कर होने से बाल-बाल बची

अंतरिक्ष मं टकराने से बची सैटेलाइट. (प्रतीकात्‍मक फोटो)
अंतरिक्ष मं टकराने से बची सैटेलाइट. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

पृथ्‍वी की निचली कक्षा में मौजूद भारत की सैटेलाइट कार्टोसैट-2एफ (Cartosat 2F) और रूसी सैटेलाइट कैनोपस-पांच (Kanopus-5) एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 29, 2020, 10:58 AM IST
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नई दिल्‍ली. अंतरिक्ष में विभिन्‍न देशों की सैकड़ों सैटेलाइट (Satellites) मौजूद हैं. इनमें संचार उपग्रह से लेकर पृथ्‍वी पर निगरानी रखने वाले उपग्रह भी शामिल हैं. अंतरिक्ष में बड़ी संख्‍या में इनकी मौजूदगी के कारण कभी-कभी इनके आपस में टकराने जैसे खतरे की भी आशंका भी बनी रहती है. ऐसी ही एक घटना 27 नवंबर को सामने आई है. इंटरनेट पर कई रिपोर्ट में किए गए दावों के मुताबिक अंतरिक्ष में पृथ्‍वी की निचली कक्षा में मौजूद भारत की सैटेलाइट कार्टोसैट-2एफ (Cartosat 2F) और रूसी सैटेलाइट कैनोपस-पांच (Kanopus-5) एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे. हालांकि दोनों उपग्रह के बीच टक्‍कर होने की घटना टल गई. इस घटना की पुष्टि रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकासमॉस (ROSCOSMOS) ने भी की है. वहीं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने प्रारंभिक तौर पर इस पर कोई टिप्‍पणी नहीं की, हालांकि बाद में उसने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है.

रूसी स्‍पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस के वॉर्निंग ऑटोमेटेड सिस्‍टम के हिस्‍से टीएसएनआईआईएमएएसएच सेंटर के आंकड़ों के अनुसार भारतीय उपग्रह कार्टोसैट 2एफ और रूसी उपग्रह कैनोपस-पांच के बीच जोरदार टक्‍कर होने से टल गई है. उसके मुताबिक अंतरिक्ष में दोनों उपग्रह एक दूसरे के 224 मीटर तक करीब आ गए थे. बता दें कि कार्टोसैट-2एफ और कैनोपस-पांच, दोनों ही पृथ्‍वी पर निगरानी संबंधी आंकड़े जुटाने के लिए इस्‍तेमाल होते हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार इसरो के प्रमुख के. सिवन ने जानकारी दी है कि कार्टोसैट-2एफ और कैनोपस-पांच 27 नवंबर को एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे. हालांकि रॉसकॉसमॉस के बयान के विपरीत इसरो का दावा है कि उस दौरान भी दोनों देशों के उपग्रहों के बीच 420 मीटर का फासला था. इसरो प्रमुख के. सिवन का कहना है कि अंतरिक्ष में खासकर पृथ्‍वी की निचली कक्षा में उपग्रहों के करीब से गुजरने की घटनाएं सामान्‍य हैं. साथ ही ऐसी घटनाएं नियमित रूप से सार्वजनिक नहीं की जाती हैं.

उनका दावा है कि ऐसी एक घटना हाल ही में स्‍पेन की सैटेलाइट के साथ भी हुई थी. बता दें कि अंतरिक्ष में मौजूद कार्टोसैट 2एफ और कैनोपस-पांच उपग्रहों के जरिये पृथ्‍वी के वायुमंडल और मौसम पर करीबी नजर रखी जाती है. ताकि किसी भी बड़ी आपदा आने से पहले ही उसकी जानकारी जुटाई जा सके.
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