पाकिस्तान से बिन बुलाए 'मेहमानों' को सबक सिखा रहा भारतीयों का जुगाड़

पाकिस्तान से बिन बुलाए 'मेहमानों' को सबक सिखा रहा भारतीयों का जुगाड़
राजस्‍थान से यह टिड्डियों का यह दल अलग अलग दिशाओं में आगे बढ़ चुका है. (फाइल फोटो)

टिड्डियों को भगाने के लिए लोग अलग अलग तरह के प्रयोग कर रहे हैं. कोई थाली बजाकर टिड्डियों को भगा रहा है तो कोई नगाड़ा बजाकर टिड्डियों को खेत से दूर भेजने की कोशिश में लगा हुआ है.

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नई दिल्ली. देश पहले ही कोरोना वायरस (coronavirus) के बढ़ते संक्रमण से परेशान था कि पाकिस्तान से आए रेगिस्तानी टिड्डियों (Locusts) के झुंड ने किसानों की दिक्कत और बढ़ा दी है. टिड्डियों को भगाने के लिए लोग अलग अलग तरह के प्रयोग कर रहे हैं. कोई थाली बजाकर टिड्डियों को भगा रह है तो कोई नगाड़ा बजाकर टिड्डियों को खेत से दूर भेजने की कोशिश में लगा हुआ है. सोशल मीडिया (social media) पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल (Viral Video) हुआ है जिसमें एक खेत का मालिक डीजे के संगीत बजाकर जबकि दूसरे खेत का मालिक जुगाड़ से बनाए यंत्र से ​टिड्डियों को भगाने का प्रयास कर रहा है.

पाकिस्तान से आई आफत से निजात पाने के लिए लोग तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. पाकिस्तान से आए रेगिस्तानी टिड्डियों के झुंड से निजात पाने के लिए लोग जुगाड़ का सहारा लेने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं. ऐसे ही ​जुगाड़ का वीडियो टिककॉक की दुनिया में धमाल मचा रहा है. इस वीडियो को pinkipatel855 ने शेयर किया है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक खाली बोतल से टीन के डिब्बे को जोड़ा गया है, साथ ही उसमें कूलर की एक पंखुड़ी भी जोड़ी गई है. जब हवा में पंखुड़ी घूमती है तो पीछे लगा टीन का डिब्बे पर खट खट की तेज आवाज होती है. इस आवाज से टिड्डियों को भगाने में काफी मदद मिलती है.



इसी तरह का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो के साथ ही लिखा है डीजे सिर्फ नाच गाने के लिए ही नहीं होता बल्कि टिड्डियों के झुंड को भगाने में भी कारगर होता है. दिन सबके बदलते हैं! आप मुंह से आवाज निकाल सकते हैं या थाली भी पीट सकते हैं.’



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टिड्डियां एक दिन में 150 किलोमीटर का तय कर सकती हैं सफर
पाकिस्तान की सीमा से राजस्थान में घुसी टिड्डियों के हमले से राजस्थान के जिलों का लगभग 90,000 हेक्टेयर इलाका प्रभावित हुआ है. टिड्डियों के हमले से श्रीगंगानगर में लगभग 4,000 हेक्टेयर भूमि पर लगी फसल को नुकसान हुआ वहीं नागौर में 100 हेक्टेयर भूमि की फसल को चट कर दिया. टिड्डियां एक दिन में 15-20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलकर एक दिन में 150 किलोमीटर तक की दूरी तक यात्रा कर सकती है. चूंकि अभी खेतों में खड़ी फसल नहीं है इसलिए टिड्डियां पेड़ों और दूसरे खाने की चीज़ों को अपना लक्ष्य बना रही हैं.

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