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    भारत में 5 सैन्‍य थियेटर कमान बनाने की योजना, पाकिस्‍तान-चीन को मिलेगा करारा जवाब

    भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी है.
    भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी है.

    India theatre commands: भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत (CDS General Bipin Rawat) को सरकार ने थियेटर कमान बनाने के लिए अधिकार दिया है, जो वर्तमान में चीन और अमेरिका की तरह है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 27, 2020, 10:44 AM IST
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    नई दिल्‍ली. भारत (India) में जल्‍द ही सैन्‍य पुनर्गठन (Military reorganize) देखने को मिल सकता है. 2022 तक भारतीय सेना (Indian Army) के सिंक्रनाइज़ ऑपरेशन के लिए एक निर्बाध कमान संरचना के लिए पांच थिएटर कमान के तहत पुनर्गठित होने की उम्मीद है. कैबिनेट की ओर से सैन्य मामलों के विभाग में अतिरिक्‍त और संयुक्‍त सचिवों की नियुक्ति की मंजूरी के साथ ही तीनों सेनाओं के पुनर्गठन का काम चीन के लिए विशिष्ट उत्तरी कमान और पाकिस्तान के लिए विशिष्ट पश्चिमी कमान पर गंभीर विचार के तहत शुरू हो गया है. भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को सरकार ने थियेटर कमान बनाने के लिए अधिकार दिया है, जो वर्तमान में चीन और अमेरिका की तरह है.

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारों के अनुसार उत्तरी कमान का नियंत्रण क्षेत्र लद्दाख के काराकोरम दर्रे से शुरू होगा और अरुणाचल प्रदेश में अंतिम चौकी किबिथु तक रहेगा. इसमें चीन से लगती 3,425 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के रखरखाव का अधिकार सेना के पास है. इस कमान का मुख्यालय लखनऊ में हो सकता है. पश्चिमी कमान का नियंत्रण क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र के सॉल्टोरो रिज पर स्थित इंदिरा कोल से लेकर गुजरात के छोर तक हो सकता है. इसका मुख्यालय जयपुर में बनाया जा सकता है.

    तीसरी थिएटर कमान संभवत: प्रायद्वीपीय कमान होगी. वहीं चौथी कमान एक पूर्ण वायु रक्षा कमान होगी. इनके अलावा पांचवीं थिएटर कमान को समुद्री कमान के रूप में बनाया जा सकता है. प्रायद्वीपीय कमान का संभावित मुख्यालय तिरुवनंतपुरम हो सकता है. वायु रक्षा कमान न केवल हवाई हमले को गति देगा, बल्कि यह मल्‍टी रोल लड़ाकू विमानों के साथ ही सभी एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल के जरिये भारमीय हवाई क्षेत्र की रक्षा की भी जिम्‍मेदारी निभाएगा.



    बता दें कि थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने 21 अक्‍टूबर को कहा था कि सीडीएस की नियुक्ति के बाद सैन्य सुधारों में अगला कदम युद्ध एवं शांति के दौरान सेना के तीनों अंगों की क्षमताओं में समन्वय के लिए एकीकृत थिएटर कमान स्थापित करने का होगा. जनरल नरवणे ने साथ ही यह भी कहा था कि थिएटर कमान स्थापित करने की प्रक्रिया सुविचारित होगी और इसका परिणाम मिलने में कुछ वर्ष लगेंगे.

    थलसेना प्रमुख ने कहा था कि हर किसी के लिए एकजुटता की भावना से काम करने की आवश्यकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को लेकर विश्वास अत्यंत महत्वपूर्ण है. नरवणे ने कहा कि वह भविष्य में सशस्त्र बलों के एकीकरण को लेकर आशावान हैं जो अनिवार्य है.

    सेना द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नरवणे ने कहा था कि रक्षा सुधार प्रक्रिया में सीडीएस की नियुक्ति के बाद अगला महत्वपूर्ण कदम युद्ध एवं शांति के दौरान सेना के तीनों अंगों की क्षमताओं में समन्वय के लिए एकीकृत थिएटर कमान स्थापित करने का होगा. इन थियेटर कमान को बनाने का मतलब थल सेना, वायु सेना और नौसेना की इकाइयों को एक ही थियेटर कमांडर के तहत रखने की योजना है. यह अफसर तीनों सेनाओं में से ही लिया जाएगा.
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