प्रेमिका से शादी करने के चक्कर में पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय युवक दिसंबर में होगा रिहा

कोर्ट ने पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के फैसले के बाद फैसला सुनाया कि दिसम्बर में सजा पूरी होने के बाद अंसारी को वापस भेज दिया जाएगा.

News18Hindi
Updated: August 10, 2018, 11:50 PM IST
प्रेमिका से शादी करने के चक्कर में पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय युवक दिसंबर में होगा रिहा
हामिद अंसारी निहाल (File Photo)
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Updated: August 10, 2018, 11:50 PM IST
मुंबई के सॉफ्टवेयर इंजीनियर हामिद निहाल इस साल दिसंबर में जेल से रिहा हो जाएंगे जिसके बाद उन्हें भारत को सौंप दिया जाएगा. निहाल 2015 से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं. हामिद निहाल को 6 साल पहले पाकिस्तान में वैध दस्तावेजों के बिना प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले तीन साल वह गायब थे.

गुरुवार को पेशावर हाईकोर्ट ने अंसारी की रिट याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने तीन साल जेल में रहने के बाद छुट्टी मांगी थी. कोर्ट ने पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के फैसले के बाद फैसला सुनाया कि दिसम्बर में सजा पूरी होने के बाद अंसारी को वापस भेज दिया जाएगा.

2012 में हामिद निहाल अपनी महिला मित्र से मिलने पाकिस्तान गए थे. महिला से उनकी मित्रता सोशल मीडिया के जरिए हुई थी. बताया जाता है कि उन्होंने अफगानिस्तान से होकर पाकिस्तान में प्रवेश किया था. कोहट जिले में पाकिस्तान खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया जिसके बाद अंसारी गायब हो गए.

पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया कि अंसारी ने 'हमजा' के नाम पर नकली पहचान पत्र का इस्तेमाल किया और उन्होंने बिना वैध दस्तावेजों के अफगानिस्तान के जरिए पाकिस्तान में प्रवेश किया था. पाकिस्तान सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें 'जासूसी' एवं 'राज्य विरोधी गतिविधियों' में शामिल होने का आरोपी बनाया. पेशावर हाई कोर्ट में अंसारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 1 नवंबर 2017 को अंसारी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करके उनके साथ जासूस की तरह व्यवहार न करने की अपील की. अपील में उन्होंने कहा कि वह ‘राज्य विरोधी गतिविदियों में शामिल नहीं थे.’

मुंबई में रहने वाली अंसारी की माता फोजिया ने पाकिस्तान के होने वाले प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखकर उनकी दिसंबर से पहले रिहाई की मांग की है. हिन्दुस्तान टाइम की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2016 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अंसारी पर तीन बार साथी कैदियों द्वारा हमले के बाद भारतीय हाई कमिश्नर को उनके लिए काउंसलर एक्सेस की मांग करने का निर्देश दिया था.
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सुषमा स्वराज ने अंसारी पर बार-बार होने वाले हमलों को अमानवीय बताया और कहा कि इससे वह बहुत परेशान हैं. पेशावर हाईकोर्ट में अंसारी के वकील काजी मोहम्मद अनवर ने भी उनपर होने वाले हमलों का मामला उठाया और कोर्ट को कहा कि उनके मुवक्किल को ऐसी सेल में रखा गया है जहां अपराधी उनकी हत्या की प्रतीक्षा में हैं.
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