भारतीय नौसेना का डोर्नियर एयरक्राफ्ट उड़ाने के लिए महिला पायलटों का पहला बैच तैयार

तीनों महिला पायलटों को गुरुवार को आईएनएस गरुड़ पर हुए कार्यक्रम में उपाधि दी गई.
तीनों महिला पायलटों को गुरुवार को आईएनएस गरुड़ पर हुए कार्यक्रम में उपाधि दी गई.

जमीनी और उड़ानों की महीनों लंबी ट्रेनिंग के बाद तीन और महिला पायलट भारतीय नौसेना के डोर्नियर एयरक्राफ्ट से मिशन पर जाने के लिए तैयार हैं. तीनों महिला पायलटों को गुरुवार को उपाधि दी गई. क्वालिफाई करने वाली सबसे पहली पायलट लेफ्टिनेंट शिवांगी रहीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 5:29 PM IST
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कोच्चि. कोच्चि में दक्षिणी नौसेना के लिए डोर्नियर विमान (Dornier aircraft) समुद्री मिशन पर जाने के लिए महिला पायलटों का पहला बैच तैयार है. डोर्नियर एयरक्राफ्ट पर मिशन के लिए तीन पायलट लेफ्टिनेंट दिव्या शर्मा (Lieutenant Divya Sharma), लेफ्टिनेंट शिवांगी (Lieutenant Shivangi) और लेफ्टिनेंट शुभांगी (Lieutenant Shubhangi) ने डोर्नियर ऑपरेशनल फ्लाइंग ट्रेनिंग (Dornier Operational Flying Training(DOFT)) कोर्स पूरा लिया है. गुरुवार को ही स्वदेशी लड़ाकू पोत आईएएनएस कवरत्ती नौसेना (Indian Navy) में शामिल किया गया है.







कोच्चि स्थित नेवल एयर स्टेशन पर आईएनएस गरुड़ पर हुए कार्यक्रम में ये तीनों पायलट फुली ऑपरेशनल मैरिटाइम रीकॉनेसेंस (fully operational maritime reconnaissance pilots) पायलट के तौर पर ग्रेजुएट हुई हैं. दक्षिणी नौसेना कमांड (एसएनसी) चीफ स्टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग) रियर एडमिरल एंटनी जॉर्ज ने पायलट को अवॉर्ड्स दिए. डीओएफटी कोर्स में शामिल होने से पहले इस नये बैच ने भारतीय वायु सेना और नेवी के साथ मिलकर उड़ान की बेसिक ट्रेनिंग ली थी. तीनों पायलटों में सबसे पहले क्वालिफाई करने वाली पायलट लेफ्टिनेंट शिवांगी थीं. उन्होंने नेवल पायलट के तौर पर 2 दिसंबर 2019 को क्वालिफाई किया था.
इस कोर्स में पायलटों को पहले एसएनसी के कई प्रोफेशनल स्कूलों में चली करीब एक महीने की जमीनी ट्रेनिंग के दौर से गुजरना पड़ा. इसके बाद इन्हें दक्षिणी नेवल कमांड के डोर्नियर स्क्वाड्रन के साथ 8 महीनों तक उड़ान की ट्रेनिंग दी गई.

नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी युद्धपोत
कोलकाता के गार्डन रिच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) निर्मित आईएनएस कवरत्ती भारतीय नौसेना का हिस्सा बन गया है. सेना के अधिकारियों के मुताबिक, इसके निर्माण में 90 प्रतिशत सामान स्वदेशी है. इस जहाज की डिजाइन नौसेना की शाखा नौसेना डिजाइन निदेशालय ने तैयार की है.
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