पुलवामा के बाद पाक ने की थी एक और बड़ी गलती, हमला करने वाली थी नौसेना, फिर हुआ ऐसा...

भारतीय सेना ने पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले का बालाकोट में एयरस्ट्राइक के जरिए करारा जवाब दिया था. वहीं भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान को समुद्र के रास्ते भी हमले की सजा देने के लिए प्लानिंग कर ली थी.

News18Hindi
Updated: June 23, 2019, 5:20 PM IST
पुलवामा के बाद पाक ने की थी एक और बड़ी गलती, हमला करने वाली थी नौसेना, फिर हुआ ऐसा...
भारत, अरब सागर में पाक की हर गतिविधि पर नज़र रखता है (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: June 23, 2019, 5:20 PM IST
भारतीय सेना ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले का बालाकोट में एयरस्ट्राइक के जरिए करारा जवाब दिया था. इतना ही नहीं भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान को समुद्र के रास्ते भी हमले की सजा देने के लिए प्लानिंग कर ली थी. पुलवामा हमले के तुरंत बाद भारतीय सेना ने नौसेना को अभ्यास से हटाकर परमाणु पनडुब्बियों समेत कई सबमरीन्स को पाकिस्तानी जलसीमा पर तैनात कर दिया था.

इसकी वजह पाकिस्तान की एक चालाकी थी. जिसकी सजा उसे भुगतनी पड़ती अगर भारत ने उसे पकड़ न लिया होता.

भारतीय नौसेना की ओर से कर ली गई थी बड़े हमले की तैयारी
भारतीय नौसेना की यह तैनाती और आक्रामक तेवर देख पाकिस्तान डरा हुआ था कि भारतीय नौसेना की ओर से कभी भी कार्रवाई का आदेश दिया जा सकता है. दरअसल इसका कारण था पाकिस्तान की एक और हरकत. उसने चालाकी से अपनी सबसे एडवांस अगोस्टा क्लास सबमरीन्स पीएनएस साद को अपने जलक्षेत्र से गायब कर दिया था.

यह पनडुब्बी लंबे समय तक रह सकती है पानी के अंदर
लंबे समय तक पानी के नीचे रह सकने वाली इस सबमरीन के गायब होने के चलते भारतीय नौसेना को चिंता हो रही थी कि कहीं इस सबमरीन को पाकिस्तान भारत भेजने की फिराक में न हो. इसलिए भारत ने अपने किसी भी नुकसान की स्थिति में पाकिस्तान को पूरा हर्जाना भुगतने का डर दिखाते हुए बहुत बड़ी टीम पाकिस्तानी सीमा पर तैनात कर दी. साथ ही भारत ने इस पनडुब्बी की खोज में एक ऑपरेशन भी लॉन्च किया.

21 दिनों बाद भारत ने ढूंढ़ निकाली पनडुब्बी
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सूत्रों ने बताया कि यह पनडुब्बी कराची के पास से गायब हुई थी और अगर यह पानी के अंदर-अंदर लगातार चले तो यह तीन दिनों के भीतर गुजरात के तट पर पहुंच सकती थी. इसके अलावा 5 दिन में यह पश्चिमी फ्लीट के मुख्यालय पहुंच सकती थी. यह भारत के लिए बड़े खतरे की बात हो सकती थी. भारतीय नेवी ने जमकर इसकी खोज की. आखिरकार वह 21 दिन ढूंढ़ने के बाद पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्से में मिली.

भारत ने अंतत: इस पनडुब्बी को पश्चिमी पाकिस्तान के पास खोज निकाला था (सांकेतिक फोटो)


पनडुब्बी खोजने के लिए किया गया था सैटेलाइट का प्रयोग
भारत ने इस पनडुब्बी की खोज के लिए सैटेलाइट का इस्तेमाल भी किया था. दरअसल पाकिस्तान ने इस पनडुब्बी को छिपाया हुआ था ताकि अगर बालाकोट के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध के आसार बने तो चुपके से इसके प्रयोग के जरिए भारत पर समुद्र के रास्ते हमला किया जा सके लेकिन इंडियन नेवी ने इसे खोजकर पाक के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया.

अरब सागर में पाक की हर गतिविधि पर रहती है पाकिस्तान की नज़र
सूत्रों ने बताया है कि भारत अरब सागर के पूरे इलाके को अपनी कड़ी निगरानी में रखता है. इसमें भी पाकिस्तानी इलाके में पाकिस्तानी नौसेना की गतिविधियों पर उसकी खास नज़र रहती है. जैसे ही टेंशन बढ़ा, नेवी ने अपनी बड़ी फ्लीट पाकिस्तानी सीमा पर लगा दी थी. इसमें 60 वॉरशिप, जिनमें एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य भी शामिल था. इन जहाजों को उत्तरी अरब सागर में अपने बैटल ग्रुप के साथ तैनात कर दिया गया था.

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First published: June 23, 2019, 4:51 PM IST
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