भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने अगले साल आएंगे 4 घातक P-8I बोइंग, दुश्मनों का छूटेगा पसीना

भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने अगले साल आएंगे 4 घातक P-8I बोइंग, दुश्मनों का छूटेगा पसीना
भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने अगले साल आएंगे 4 घातक P-8I बोइंग

भारतीय नौसेना (CR Patil) में अगले साल अमेरिका (America) से मिलने वाले चार और पी-8आई मल्टीमिशन विमान शामिल होने जा रहे हैं. बता दें कि भारत (India) के पास अभी भी 6 और बोइंग खरीदने का विकल्प मौजूद है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 21, 2020, 12:32 PM IST
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नई दिल्ली. भारत (India) और चीन (China) की सेना के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़क के बाद से दोनों देशों के बीच हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. इसी बीच अब खबर आई है कि हिंद महासागर (Indian Ocean) में भारतीय नौसेना (Indian Navy) को और ताकतवर बनाया जा रहा है. भारतीय नौसेना (CR Patil) में अगले साल अमेरिका (America) से मिलने वाले चार और पी-8आई मल्टीमिशन विमान शामिल होने जा रहे हैं. बता दें कि भारत के पास अभी भी 6 और बोइंग खरीदने का विकल्प मौजूद है हालांकि इसके बारे में साल 2021 के अंत में ही सही जानकारी मिल सकेगी.

P-8A Poseidon और P-8I मल्टीमिशन विमान को विशेष रूप से समु्द्र पर नजर रखने के लिए ही डिजाइन किया गया है. ये विमान हार्पून ब्लॉक II और हल्के टारपीडो, टोही क्राफ्ट 129 सोनोबॉय को आसानी से ले जा सकता है. इस विमान की खास बात ये है कि यह एक घातक पनडुब्बी में बदल जाता है जो एंटी-शिप मिसाइल भी लॉन्च कर सकता है. इस विमान को विशेष रूप से पनडुब्बी रोधी जंग और सतह रोधी युद्ध के साथ खुफिया तरीके से समुद्र में दुश्मनों पर नजर रखने के लिए तैयार किया गया है. इसे एक टोही विमान की तरह इस्तेमाल मे लाया जा सकता है. बता दें कि सेना ने चीन के साथ लद्दाख में तनाव के बाद इसी तरह के टोही विमान से नजर रखने का काम किया था.

ये विमान 789 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और इसकी रेंज लगभग 2200 किलोमीटर तक की है. बताया जाता है कि 6 और P-8I मल्टीमिशन विमान खरीदने को लेकर अमेरिका से बात जल्द शुरू हो सकती है. बता दें कि चीन से बिगड़े हालात से पहले ही रक्षा अधिग्रहण परिषद ने नवंबर 2019 में ही 6, P-8I की खरीद को मंजूरी दे दी थी.



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चीन ने पहले ही कई देशों के बंदरगाहों पर बना रखी है पैठ
बता दें कि चीन ने पहले ही म्यांमार, श्रीलंका, पाकिस्तान, ईरान और पूर्वी अफ्रीका में बंदरगाहों को अपनी पैठ बना रखी है, जिससे भारत के साथ ही वह अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की नौसेना की उपस्थिति को चुनौती दे सके. बता दें कि चीन की म्यांमार में क्युकायपु बंदरगाह में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो बंगाल की खाड़ी में स्थित है. दक्षिण श्रीलंका में हंबनटोटा बंदरगाह हिंद महासागर पर भी हावी है. पाकिस्तान में ग्वादर बंदरगाह ओमान की खाड़ी के पास है.
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