हैमर मिसाइल से लैस होगा लड़ाकू विमान 'राफेल', बनेगा दुश्मनों का काल

हैमर हथियार का उपयोग कई टारगेट्स पर एक साथ हमले के लिए किया जा सकता है.
हैमर हथियार का उपयोग कई टारगेट्स पर एक साथ हमले के लिए किया जा सकता है.

Indian Rafale fighter jet adds Hammer: फ्रांस ने भारतीय लड़ाकू विमान राफेल को हवा से जमीन पर मार करने वाली ऑल वेदर मिसाइल हैमर से लैस करने पर सहमति व्यक्त की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 4:33 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद (India-China border Tension) के बीच भारत अपनी सेना की ताकत को बढ़ा रहा है. दुश्मनों को मात देने के लिए भारतीय सेना (Indian Army) को कुछ वक्त पहले लड़ाकू विमान राफेल मिला है. वैसे तो राफेल दुश्मनों को माकूल जवाब देने के लिए पहले से ही सक्षम है, मगर अब उसकी ताकत में और इजाफा होने वाला है. भारतीय राफेल जेट की क्षमता और बढ़ेगी क्योंकि अब वो हैमर मिसाइल से लैस होगा. हैमर यानी कि हाइली एजाइल एंड मैनोवरेबल म्यूनिशन एक्टेंडेड रेंज (Hammer) हवा से जमीन पर मार करने वाले रॉकेट के जरिए चलने वाली मिसाइल किट है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस ने भारतीय लड़ाकू विमान राफेल को हवा से जमीन पर मार करने वाली ऑल वेदर मिसाइल हैमर से लैस करने पर सहमति व्यक्त की है. इससे पहले राफेल को हवा और जमीन दोनों जगहों पर अपने टारगेट को तबाह करने के लिए घातक MICA, Meteor और SCALP मिसाइलों से लैस किया गया है. हैमर से पहले राफेल में 300 किलोमीटर की रेंज वाली स्कल्प मिसाइल इसे सबसे ज्यादा मारक बनाती है. वहीं, Meteor एयर-टू-एयर मिसाइल का निशाना अचूक है और MICA दुश्मनों के मंसूबों को तोड़कर रख देती.

खाफी खतरनाक हथियार है हैमर
रिपोर्ट के मुताबिक, हैमर काफी खतरनाक हथियार है, जिसे जीपीएस की उपलब्धता के बिना भी बहुत ही कम दूरी से 70 किलोमीटर की बहुत लंबी रेंज से लॉन्च किया जा सकता है.
गोल्डन एरो स्क्वाड्रन को किया जाएगा डिलीवर


वरिष्ठ अधिकारियो के मुताबिक, सितंबर 2020 में भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच हैमर कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए गए थे और इस महीने के अंत तक बड़ी संख्या में हथियारों को अंबाला में भारतीय वायु सेना स्टेशन के गोल्डन एरो स्क्वाड्रन को डिलीवर किया जाएगा.



भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग ऐसा है कि आम तौर पर हैमर हथियार को एक साल में भारतीय वायु सेना को डिलीवर किया जाना था, मगर फ्रांसीसी वायु सेना ने नई दिल्ली की जरूरत को तत्काल पूरा करने के लिए अपनी सूची में सीमित हथियारों के साथ भाग लेने का फैसला किया है.
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