अब गैस सिलेंडर की तरह रेल टिकट पर भी छोड़ सकते हैं सब्सिडी, मिलेगा ऑप्शन 'GIVE IT UP'

ट्रेन में सफर के दौरान ज्यादा से ज्यादा लोग ट्रेन टिकटों पर मिल रही सब्सिडी को छोड़ें इसके लिए रेलवे व्यापक अभियान शुरू करने वाला है.अब आपसे गैस सब्सिडी की तरह 'GIVE IT UP' की अपील की जाएगी.

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Updated: June 19, 2019, 11:43 PM IST
अब गैस सिलेंडर की तरह रेल टिकट पर भी छोड़ सकते हैं सब्सिडी, मिलेगा ऑप्शन 'GIVE IT UP'
अब रेल टिकट पर भी छोड़ सकते हैं सब्सिडी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Updated: June 19, 2019, 11:43 PM IST
'चंदन जजवाड़े'
रेलवे फाटकों के ऊपर या उसके नीचे सड़क बनाने के लिए भारतीय रेल 50,000 करोड़ रुपये ख़र्च करने जा रहा है. रेलवे ने अपने 100 दिन के एजेंडे में साफ किया है कि उसे 2568 ROB/RUB बनाने की मंजूरी 31 अगस्त 2019 तक लेनी है और साल 2024 तक ये सारे कंस्ट्रक्शन पूरे करने हैं. इस काम पर होने वाला पूरा खर्च भारतीय रेल खुद उठाएगा. यानी कि इसके लिए राज्य सरकारों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा.

ये सभी रोड ओवर ब्रिज या रोड अंडर ब्रिज गोल्डन quadrilateral या diagonal पर मौजूद होंगे. यानि रेलवे की योजना में साल 2024 तक दिल्ली, मुम्बई कोलकाता और चेन्नई को आपस में जोड़ने वाली रेलवे लाइन पर कोई manned level crossing नहीं होगा. यानी ऐसे क्रासिंग जहां फाटक लगा हो या फाटक की जगह कोई गार्ड उसे कंट्रोल कर रहा हो वहां ROB या RUB बनाया जाएगा.

इससे पहले इसी साल जनवरी में भारतीय रेल ने दावा किया था उसने ब्रॉड गेज लाइन पर मौजूद सभी मानवरहित लेवल कॉसिंग को ख़त्म कर दिया है. उस समय मानवरहित क्रोसिंग्स पर फाटक बनाकर या गार्ड खड़े कर या गैरज़रूरी क्रासिंग को बंद कर यह उपलब्धि हासिल की गई थी.

सभी लोगों को होगा फायदा

हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक इतना बड़ा ख़र्च भारतीय रेल करने जा रहा है जबकि इसका फ़ायदा राज्यों या स्थानीय लोगों को भी होगा. इसलिए इसमें राज्य सरकारों से भी पैसे लिए जाने चाहिए. दूसरी तरफ सरकार कोई भी उसकी कंस्ट्रक्शन में बहुत ज़्यादा रुचि होती है. जब इसी साल सभी मानवरहित क्रोसिंग्स को ख़त्म किया जा चुका है तो फिर एक बार में 50 हज़ार करोड़ जैसी बड़ी राशि खर्च करने का क्या औचित्य है?

सब्सिडी के लिए चुनना होगा विकल्प
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भारतीय रेल जल्द ही रेलवे स्टेशनों से लेकर रेलगाड़ियों, एफ.एम. रेडियो से लेकर टीवी और विज्ञापन के हर मंच पर मुसाफिरों से किराये में मिल रही सब्सिडी छोड़ने की अपील करने जा रही है. रेलवे के 100 दिन के एजेंडे में ज़ोर देकर कहा गया है कि भारतीय रेल मुसाफिरों को किराये पर 47 फ़ीसदी सब्सिडी देती है. रेलवे अब टिकट खरीदने के पहले ही मुसाफिरों से सामने दो तरह के विकल्प रखेगा जिसमें आप सब्सिडी के साथ टिकट ख़रीदना चाहते हैं तो एक विकल्प चुनें और यदि आपको टिकट पर सब्सिडी चाहिए तो आप दूसरा विकल्प चुनें.

'GIVE IT UP' की जाएगी अपील

ट्रेन में सफर के दौरान ज्यादा से ज्यादा लोग ट्रेन टिकटों पर मिल रही सब्सिडी को छोड़ें इसके लिए रेलवे व्यापक अभियान शुरू करने वाला है. यानि अब आपसे गैस सब्सिडी की तरह 'GIVE IT UP' की अपील की जाएगी. इसके लिए भारतीय रेल ट्रेनों, रेलवे स्टेशनों, टी.वी, अखबार, एफ.एम., डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से मुसाफिरों से अपील करेगा कि वो सब्सिडी छोड़ें. रेलवे 31 अगस्त 2019 तक अपने इस अभियान की शुरुआत कर देगा.

56,000 करोड़ कमाने का लक्ष्य

भारतीय रेल फिलहाल हर साल करीब 50,000 करोड़ रुपये के यात्री टिकट बेचता है. साल 2019-20 के लिए रेलवे ने इससे 56,000 करोड़ कमाने का लक्ष्य रखा है. ऐसे में अगर रेलवे की अपील पर लोग सब्सिडी छोड़ना शुरू करते हैं तो यह आंकड़ा बढ़ सकता है.

इससे पहले सुरेश प्रभु के रेल मंत्री रहते रेलवे ने सब्सिडी छोड़ने के लिए 'GIVE IT UP' अभियान चलाने की योजना बनाई थी लेकिन उस वक्त कई स्तर पर विवाद और विरोध के बाद इस योजना को ठंढे बस्ते में डाल दिया गया था.

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First published: June 19, 2019, 11:33 PM IST
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