ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ले रही है चीन की मदद, इन 2 रूट पर है खास फोकस

Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: August 16, 2019, 11:15 PM IST
ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ले रही है चीन की मदद, इन 2 रूट पर है खास फोकस
ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर करने की तैयारी है.

दिल्ली (Delhi) से हावड़ा (Howrah) और दिल्ली से मुंबई (Mumbai) के बीच 160 किलोमीटर की रफ़्तार से ट्रेन चलाने के लिए खास ट्रेनिंग लेने की तैयारी है. जबकि मोदी सरकार दिल्ली-मुंबई रूट पर 6806 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है.

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भारत (India) में ट्रेनों (Trains) की गति बढ़ाने के लिए रेलवे अधिकारियों को चीन (China) में ट्रेनिंग दी जाएगी. जी हां, रेलवे के 43 अधिकारियों को 19 अगस्त से 30 अगस्त तक चीन के साउथ वेस्ट जियाटांग यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग दी जाएगी. इनमें ट्रेनों के संचालन से रेल फैक्ट्रियों से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं. पिछले दो महीने से लगातार रेल अधिकारियों को ऐसी ट्रेनिंग दी गई है, ताकि भारत में जल्द से जल्द ट्रेनों की गति को बढ़ाने की बड़ी योजना को अंजाम दिया जा सके.

इसकी मिल रही है ट्रेनिंग
यह ट्रेनिंग मूल रूप से दिल्ली से हावड़ा और दिल्ली से मुंबई के बीच 160 किलोमीटर की रफ़्तार से ट्रेन चलाने के लिए दी जा रही है. इसके लिए केंद्र सरकार ने करीब 13 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इससे दिल्ली और हावड़ा के बीच सफर का समय करीब 5 घंटे कम हो जाएगा. जबकि दिल्ली से मुंबई पहुंचने में साढ़े तीन घंटे कम समय लगेगा.

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिल्ली-हावड़ा रूट पर कानपुर और लखनउ दोनों लाइनों को दुरुस्त किया जाएगा. इस पर रेलवे करीब 6685 करोड़ रुपये ख़र्च करने जा रहा है. यह रूट दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरता है.

जबकि दिल्ली-मुंबई रूट पर रेलवे 6806 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है. ये दोनों ही काम 2022-23 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

स्‍पीड बढ़ाने के लिए होगा ये काम
ट्रेन की स्पीड बढ़ाने के लिए इन रूट पर फेंसिंग की जाएगी यानि ट्रैक को दोनों तरफ से घेर दिया जाएगा, ताकि ट्रैक पर बाहर के कोई न आ सके. इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेशन सिस्टम और मोबाइल रेडियो कम्यूनिकेशन सिस्टम लगाया जाएगा. रेलवे अपने अधिकारियों को दुनिया की सबसे बेहतरीन तकनीक की ट्रेनिंग दिला रहा है, ताकि ट्रेनों की गति भी बढ़ने के साथ ही रेल यात्रा भी सुरक्षित रहे.
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ये है सरकार की योजना
एक बार दिल्ली-मुंबई और दिल्ली कोलकाता रूट पर 160 की स्पीड में ट्रेन चलने के बाद रेलवे की योजना पूरे गोल्‍डन क्वाडिलेट्रल और उसके डायगोनल पर ट्रेनों को 160 की स्पीड में चलाने की है यानि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को आपस में जोड़ने वाले सभी रूट्स पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 कर दी जाएगी.

खास बात ये है कि गोल्डन क्वाडिलेट्रल और उसके डायगोनल पर रेलवे के महज 16 फीसदी ट्रैक बिछे हैं, लेकिन इन रूट्स पर रेलवे के 52 लाख मुसाफिर सफर करते हैं. जबकि 60 फीसदी मालगाड़ियां इसी ट्रैक पर चलती हैं. इसी भारी ट्रैफ़िक के बीच ट्रेनों की गति बढ़ाना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती है.

इस बीच रेलवे के चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स ने 24 कोच की ट्रेन को 160 किलोमीटर की रफ़्तार से पटरी पर दौड़ाने वाले इंजन का भी सफल ट्रायल कर लिया है. यह इंजन पूरी तरह से CLW का निर्माण है यानि यह मेक इन इंडिया के सिद्धांत पर बना है.

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First published: August 16, 2019, 11:13 PM IST
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