रेलवे को मिला ISRO का साथ, अब मालगाड़ियों से नहीं होगी Petrol-Diesel की चोरी

Chandan Kumar | News18.com
Updated: September 2, 2019, 7:09 PM IST
रेलवे को मिला ISRO का साथ, अब मालगाड़ियों से नहीं होगी Petrol-Diesel की चोरी
इसरो की मदद से चोरी के मामले रोक रहा है रेलवे.

RPF ने RTIS की मदद से कई ऐसे मामले पकड़े हैं, जिसमें मालगाड़ियां बिना किसी वजह के रोकी गईं थीं. जबकि रेलवे को मालगाड़ियों से चोरी होने वाले सामान की वजह से बड़ा नुकसान होता है.

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भारतीय रेल ( Indian Railways) अपनी ट्रेनों के इंजन में GPS (Global Positioning System) जैसी डिवाइस RTIS लगा रहा है. रियल टाइम इन्फ़ोर्मेशन सिस्टम (Real Time Information System) नाम का यह डिवाइस इसरो के उपग्रह की मदद के काम करता है. यह डिवाइस पैसेंजर ट्रेनों (Passenger trains)के इंजन में भी लगा है, तो साथ ही रेलवे इसे मालगाड़ियों के इंजन में भी लगा रहा है. एक तरफ जहां यह डिवाइस पैसेंजर ट्रेनों को लोकेट करने में मदद कर रहा है. वहीं मालगाड़ियों के इंजन में लगा यह डिवाइस चोरी की घटनाओं को पकड़ने में बड़ी मददगार साबित हो रहा है.

दरअसल, रेलवे में कोयले या पेट्रोलियम लदी मालगाड़ियों में कई बार चोरी की वारदात हो जाती है. इसके लिए मालगाड़ियों को जबरन रोककर चोरी की जाती है.

RPF ने RTIS की मदद पकड़े कई मामले
रेलवे प्रोटेक्शन फ़ोर्स यानि RPF ने RTIS की मदद से कई ऐसे मामले पकड़े हैं, जिसमें मालगाड़ियां बिना किसी वजह के रोकी गईं थीं. इस तरह के मालगाड़ियों को रोककर उसमें लदे सामान की चोरी की जाती है. आमतौर पर रेलवे में कोयले और पेट्रोलियम की चोरी देखी जाती है. ताज़ा मामले में कुछ लोगों को गिरफ़्तार कर कार्रवाई भी की जा रही है. जांच इस बात की भी की जा रही है कि मालगाड़ी क्यों और कैसे रोकी गईं और क्या इसमें रेलवे स्टाफ की भी कोई मिलभगत है?

भारतीय रेल ने ट्रेनों को ट्रैक करने के लिए करीब 5000 इंजन में RTIS डिवाइस लगा दिए हैं.


RTIS डिवाइस में यह जानकारी भी रिकार्ड हो जाती है कि कोई ट्रेन कहां और कितनी देर तक रूकी रही. इसकी मदद से RPF ने धनबाद डिविजन और साउथ ईस्टर्न रेलवे में मालगाड़ियों के अनअथॉराइज़्ड और अनएक्सपेक्टेज स्टॉपेज के मामलों की जांच कर चोरी के कुछ मामले पकड़े हैं. RTIS डिवाइस को रेलवे की कंपनी क्रिस ने खुद विकसित किया है. रेलवे और इसरो के बीच हुए समझौते के तहत इसी डिवाइस की मदद से इसरो रेलवे को ट्रेनों के मूवमेंट की जानकारी देता है.

भारतीय रेलवे में हुआ ये बड़ा बदलाव
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भारतीय रेल ने ट्रेनों को ट्रैक करने के लिए करीब 5000 इंजन में RTIS डिवाइस लगा दिए हैं. जबकि इस वित्त वर्ष के अंत तक बाकी करीब 7000 इंजनों में भी RTIS लगाने का लक्ष्य रखा गया है. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में RTIS की मदद से जहां ट्रेनों के बेहतर संचालन में मदद मिलेगी, वहीं यह किसी भी आपराधिक घटना को रोकने और उसकी जांच में भी बड़ी मदद करेगा.

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First published: September 2, 2019, 6:55 PM IST
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