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रेलवे की पार्सल मैनेजमेंट व्यवस्था को 523 स्टेशनों तक बढ़ाने की तैयारी

रजिस्टर्ड उपभोक्तता किराए की अनुमानित रकम के साथ फॉरवर्डिंग नोट को ऑनलाइन क्रिएट कर सकते हैं. फाइल फोटो

रजिस्टर्ड उपभोक्तता किराए की अनुमानित रकम के साथ फॉरवर्डिंग नोट को ऑनलाइन क्रिएट कर सकते हैं. फाइल फोटो

Indian Railways: रेलवे स्टेशनों पर पार्सल और सामानों को पार्सल ऑफिस के जरिए कंप्यूटराइज्ड काउंटर्स पर बुक किया जा सकेगा, जो ऑटोमैटिक तरीके से भेजे जाने वाले सामान का वजन कर सकेगी, बारकोडिंग भी हो सकेगी और ट्रैकिंग की जा सकेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 15, 2021, 5:48 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे की पार्सल मैनेजमेंट व्यवस्था जल्द ही 523 स्थानों पर अपनी सेवा देनी शुरू कर देगी. अभी तक ये सुविधा 84 स्थानों पर उपलब्ध थी. रेलवे अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है, जिसके तहत छोटे पार्सलों को भी ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराने की है. रेलवे के बयान के मुताबिक शहरों और कस्बों के छोटे व्यापारी और कारोबारी अपने उत्पाद के ट्रांसपोर्टेशन के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो तेज, विश्वसनीय और सस्ते तरीके का उपयोग करते हुए बड़े शहरों और उत्पादन केंद्रों से व्यापार केंद्रों तक उत्पाद मंगाते हैं.

बयान में कहा गया है कि पार्सल के ट्रांसपोर्टेशन का खर्च उत्पाद के वजन और संख्या के आधार पर होता है. उत्पाद के प्रकार से इसका कोई संबंध नहीं है. रेलवे के मुताबिक, "पार्सल मैनेजमेंट व्यवस्था को 84 स्थानों से 143 स्थानों तक दूसरे चरण में बढ़ाया जा रहा है और तीसरे चरण में इसे 523 स्थानों तक बढ़ाया जाएगा. इस सुविधा के तहत लोगों को 4 महीने पहले एडवांस्ड बुकिंग करने का ऑप्शन मिलेगा. साथ ही पार्सल के लिए स्थान उपलब्ध है कि नहीं, ये भी ऑनलाइन ई-फॉरवर्डिंग नोट मॉड्यूल की पीएमएस वेबसाइट पर जानकारी मिल सकेगी. रजिस्टर्ड उपभोक्तता किराए की अनुमानित रकम के साथ फॉरवर्डिंग नोट को ऑनलाइन क्रिएट कर सकते हैं."

रेलवे की इस सेवा का विस्तार होने के बाद रेलवे स्टेशनों पर पार्सल और सामानों को पार्सल ऑफिस के जरिए कंप्यूटराइज्ड काउंटर्स पर बुक किया जा सकेगा, जो ऑटोमैटिक तरीके से भेजे जाने वाले सामान का वजन कर सकेगी, बारकोडिंग भी हो सकेगी और प्रेषित माल की ट्रैकिंग की जा सकेगी. रेलवे इस सुविधा के तहत पैकेज के स्टेटस अपडेट और उपभोक्तओं को हर चरण में एसएमएस के जरिए अपडेट की भी सुविधा दे रहा है. रेलवे इसके लिए जीपीआरएस नेटवर्क ट्रांसमिशन का इस्तेमाल करेगा.

रेलवे की नई पीएमएस योजना एफएसएलए (फ्राइट सिस्टम लेजर अकाउंटिंग) की सुविधा भी शामिल है, जो रजिस्टर्ड न्यूजपेपर और मैगजीनों के ऑनलाइन मॉड्यूल के लिए माल सूची तैयार करेगी.
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