अब घोड़े के प्लाज्मा से कोरोना वायरस के खात्मे की तैयारी में वैज्ञानिक!

अब घोड़े के प्लाज्मा से कोरोना वायरस के खात्मे की तैयारी में वैज्ञानिक!
घोड़े के प्लाज्मा से कोरोना वायरस का खत्म करने की तैयारी.

विन्स बायोप्रोडक्ट्स के निदेशक सिद्धार्थ डागा ने बताया कि ‘घोड़ों से निकाले गए प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडीज की क्षमता इंसान के प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडीज के मुकाबले 50 गुना ज्यादा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 12:48 PM IST
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हैदराबाद. हैदराबाद की वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बॉयोटेक (Bharat Biotech) की कोवैक्सीन (Covaxin) का दूसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो गया है. इस बीच कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग में दूसरी खुशखबरी भी हैदराबाद से मिल सकती है. विन्स बायोप्रोडक्ट ने सेंटर ऑफ सेलुलर एंड मोलिक्यूलर बायोलॉजी और हैदराबाद विश्वविद्यालय के साथ मिलकर तीन महीने पहले घोड़ों में एंटीबॉडी विकसित करने का काम शुरू किया था, उसमें अब आश्चर्यजनक नतीजे सामने आए हैं.

घोड़ों में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो गई है. कोरोना से ठीक हुए मरीज के प्लाज्मा के मुकाबले घोड़ों का प्लाज्मा कई गुना ज्यादा कारगर पाया गया है. दवा के क्लीनिकल ट्रायल के लिए विन्स बायोप्रोडक्ट कंपनी एक हफ्ते में डीसीजीआई में आवेदन करने वाली है. विन्स बायोप्रोडक्ट्स के निदेशक सिद्धार्थ डागा ने बताया कि ‘घोड़ों से निकाले गए प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडीज की क्षमता इंसान के प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडीज के मुकाबले 50 गुना ज्यादा है.

कोरोना वायरस के खिलाफ घोड़ों से ज्यादा मात्रा में प्लाज्मा निकाला जा सकता है. उस प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडीज की क्षमता इतनी ज्यादा है कि बहुत कम मात्रा के डोज से ही कोरोना वायरस लैब में नष्ट हो गए’. दरअसल कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए इन दिनों प्लाज्मा थैरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है. लेकिन इसकी अपनी सीमाएं हैं और बड़ी मात्रा में प्लाज्मा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. वहीं प्रयोग में पाया गया है कि घोड़ों में जीवित निष्क्रिय कोरोना वायरस इंजेक्ट करने के 65 दिन बाद घोड़ों में एंटीबॉडी पैदा हो गई.



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