निशाने पर आए ग्रेटा थनबर्ग के भारतीय सोशल मीडिया मैनेजर, फोन पर मिलीं धमकियां

ग्रेटा थनबर्ग स्वीडन में बैठ कर मौसमी acitivism करती हैं (फाइल फोटो: Shutterstock)

ग्रेटा थनबर्ग स्वीडन में बैठ कर मौसमी acitivism करती हैं (फाइल फोटो: Shutterstock)

ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) ने कुछ दिनों पहले किसान आंदोलन को अपना समर्थन जताया था. इसके कुछ समय बाद ही ये बात अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गई थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस पर और इसके साथ जुड़े टूलकिट को लेकर एक FIR दर्ज की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 4:31 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में चल रहे किसान आंदोलन (Farmers Issue) पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता (Climate Activist) ग्रेटा थनबर्ग कानूनी मुश्किलों में फंस गई हैं. वहीं, सोशल मीडिया (Social Media) पर किसानों के समर्थन में ट्वीट करने के बाद उनके भारतीय सोशल मीडिया मैनेजर आदर्श प्रताप (Adarsha Prathap) को धमकियां मिलने लगी हैं. ग्रेटा के अलावा प्रताप के सोशल मीडिया हैंडल्स को भी लक्ष्य बनाया जा रहा है.

प्रताप ने जानकारी दी है कि उनका फेसबुक पेज हैक करने की कोशिश की गई है. न्यूज18 से बातचीत में प्रताप ने कहा, 'मैं 2017-18 में क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस के यूथ रिपोर्टर के तौर पर संयुक्त राष्ट्र गया था. मेरी जिम्मेदारी ग्रेटा का लिखा हुआ रिपोस्ट करने की थी. बगैर मेरी अपनी बात उसमें शामिल किए.' उनकी ग्रेटा से पहली बार मुलाकात यूएन की क्लाइमेट चेंज को लेकर आयोजित कॉन्फ्रेंस में हुई थी.

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इसके बाद बड़े पैमाने पर दुनियाभर में 'फ्राईडेज फॉर फ्यूचर' कैंपेन के तहत जलवायु परिवर्तन के खिलाफ बड़े स्तर पर उथल-पुथल हुई. प्रताप बताते हैं, 'उनकी बातों को सामने लाने के लिए एक फेसबुक पेज बनाया गया. उनके पेज को फॉलो करने वाले बढ़ रहे हैं और मैंने रिपोस्ट करना जारी रखा.' उन्होंने बताया, 'हमारा मकसद था ग्लोबल क्लाइमेट चेंज के संदेश को लाना. मैं उनकी निजी राय में दखल नहीं दे रहा हूं.'


ग्रेटा ने कुछ दिनों पहले किसान आंदोलन (Farmers Protest) को अपना समर्थन जताया था. इसके कुछ समय बाद ही ये बात अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गई थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस पर और इसके साथ जुड़े टूलकिट को लेकर एक FIR दर्ज की. हालांकि, खबर बाहर आने के बाद ग्रेटा ने कहा था कि नफरत, धमकियां या मानवाधिकार किसानों को लेकर उनके  समर्थन को बदल नहीं सकते. दिल्ली पुलिस ग्रेटा की तरफ से ट्वीट किए टूलकिट की जांच कर रही है. इसके संबंध में गूगल से एक आधिकारिक संपर्क भी साधा गया है.
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