लाइव टीवी

मुस्लिम लीग ने CAA और NPR पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

News18Hindi
Updated: January 16, 2020, 1:43 PM IST
मुस्लिम लीग ने CAA और NPR पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
केरल की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने एनआरसी और एनपीआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की हैं.

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने सुप्रीम कोर्ट में एक अलग याचिका दायर कर पूछा है कि क्या नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) को पूरे देश में लागू किया जाएगा? साथ ही सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से पूछा है कि क्या नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) और नेशनल पॉप्‍यूलेशन रजिस्‍टर (NPR) की प्रक्रिया एकदूसरे से जुड़ी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 16, 2020, 1:43 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. केरल की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नागरिकता संशोधन कानून 2019 (CAA 2019) और नेशनल पॉप्‍यूलेशन रजिस्‍टर (NPR) पर रोक लगाने की मांग की है. लीग ने याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार (Central Government) को सीएए 2019 और एनपीआर को पूरे देश में लागू करने से रोके. बता दें कि मुस्लिम लीग ने ही सबसे पहले नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर की थी.

मुस्लिम लीग ने अलग याचिका में पूछे कई सवाल
मुस्लिम लीग ने एक अलग याचिका दायर कर पूछा है कि क्या नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) को पूरे देश में लागू किया जाएगा? साथ ही पूछा है कि क्या एनआरसी और एनपीआर की प्रक्रिया एकदूसरे से जुड़ी होगी. बता दें कि सीएए 2019 के खिलाफ करीब 60 याचिकाएं शीर्ष अदालत में लंबित हैं. इनकी सुनवाई 22 जनवरी को होनी है. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सरकार के वरिष्‍ठ मंत्री यह स्‍पष्‍ट कर चुके हैं कि सीएए 2019, एनआरसी और एनपीआर में कोई संबंध नहीं है. वहीं, विपक्ष और सरकार के आलोचक मंत्रियों के उन उलट बयानों का हवाला दे रहे हैं, जिनमें इन तीनों को एकदूसरे से जुड़ा हुआ बताया गया था.

यूपीए-2 ने की थी जनसंख्‍या रजिस्‍टर की शुरुआत

कांग्रेस के नेतृत्‍व वाली यूपीए-2 सरकार ने मुंबई हमले के बाद 2010 में जनसंख्‍या रजिस्‍टर (PR) लॉन्‍च किया था. इसके तहत नागरिकों का बायोमीट्रिक डाटाबेस तैयार किया जाने की योजना थी. कहा जा रहा था कि सुरक्षा एजेंसियां इस डाटाबेस का इस्‍तेमाल आसानी से कर सकेंगी. वहीं, आधार (Aadhar) कार्यक्रम चलाने वाली संस्‍था यूआईडीएआई (UIDAI) ने स्‍पष्‍ट कर दिया था कि सुरक्षा एजेंसियां जब चाहें तब आधार के डाटाबेस को नहीं खंगाल सकेंगी. इसके बाद सरकार ने एनपीआर (NPR) तैयार करने का फैसला किया, जो नागरिकता रजिस्‍टर की ओर पहला कदम बताया गया था. आईयूएमएल की याचिका में भी केंद्र सरकार के मंत्रियों के विरोधाभासी बयानों को शामिल किया गया है.

ये भी पढ़ें:

300 रुपये रोज कमाने वाले मजदूर को भेजा 1 करोड़ रुपये का आयकर नोटिसहैरी-मेगन के शाही परिवार छोड़ने के बाद 'मेग्जिट' नाम से बिक रहे ये प्रोडक्‍ट्स

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 16, 2020, 1:43 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर