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वैक्‍सीन की विश्वसनीयता पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने उठाए सवाल, कहा- भारतीय गिनी पिग नहीं हैं

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर सवाल खड़े किए हैं. (फाइल फोटो)
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर सवाल खड़े किए हैं. (फाइल फोटो)

Coronavirus Vaccination: भारत में दो वैक्‍सीन ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोविशील्‍ड और भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन को लगाने की अनुमति दी गई है. कांग्रेस नेता पहले भी कोवैक्सीन की विश्वसनीयता पर सवाल उठा चुके हैं, हालांकि सरकार ने कहा है कि दोनों ही वैक्सीन भरोसेमंद हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2021, 10:10 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी (Congress MP Manish Tewari) ने कोरोना वैक्सीन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कोवै‍क्‍सीन (Covaxin) की जब तक क्षमता और विश्वसनीयता पूरी तरह से स्‍थापित नहीं हो जाती, तब तक सरकार को इसका रोल आउट नहीं करना था. सरकार के वैक्‍सीन के चुनाव की स्वतंत्रता न मिलने के बयान के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बुधवार को एक बार फिर कोवैक्‍सीन पर संदेह जाहिर किया है. बता दें सरकार ने मंगलवार को कहा था कि राज्यों को वैक्सीन के चयन का अधिकार नहीं होगा. तिवारी ने कहा कि यह वैक्‍सीन अपने ट्रायल के तीसरे चरण में ही है, लेकिन इसके आपातकालीन उपयोग पर ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने मुहर लगा दी है.

न्‍यूज एजेंसी को दिए अपने बयान में मनीष तिवारी ने कहा कि कोवैक्सीन को सरकार की ओर से इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए लाइसेंस दिया गया था. अब सरकार ही कह रही है कि वैक्सीन लेने वालों को इस बात की अनुमति नहीं है कि वो अपने लिए वैक्‍सीन का चुनाव कर सकें. उन्होंने कहा कि जब कोवैक्‍सीन के तीसरे चरण के ट्रायल पूरे नहीं हुए हैं तब इसकी क्षमता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. तिवारी ने कहा कि सरकार को वैक्‍सीन का रोल आउट नहीं करना चाहिए था. आप रोल आउट का तीसरे फेस के ट्रायल जैसा उपयोग नहीं कर सकते.  उन्होंने कहा कि भारतीय गिनी पिग नहीं हैं.





वैक्सीन के चुनाव पर केंद्र ने दिया था ये जवाब
बता दें इस वैक्‍सीन को हैदराबाद की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक ने बनाया है. तिवारी का बयान स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी उस बात पर आया है जिसमें कहा गया था कि वैक्‍सीन लगाने वालों को दोनों वैक्‍सीन में से किसी एक को चुनने का विकल्‍प नहीं होगा.

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि दुनिया में कई स्‍थानों पर एक से अधिक वैक्‍सीन प्रयोग में लाए जाते रहे हैं, लेकिन किसी भी देश में वैक्‍सीन लेने वालों को वैक्‍सीन चुनने का अधिकार नहीं है. इससे पहले भी मनीष तिवारी ने वैक्‍सीन की विश्‍वसनीयता और सरकार पर परिस्थितियों का लाभ लेने के आरोप लगाए थे. उन्‍होंने कहा था कि भाजपा सरकार ने कोविड-19 महामारी का राजनीतिक दुरुपयोग किया था. उन्‍होंने बिना कोवैक्‍सीन का नाम लिए कहा कि जो वैक्‍सीन लगवाने जा रहा है, उसे उस वैक्‍सीन की विश्‍वसनीयता पर सवाल है.

भारत में दो वैक्‍सीन ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोविशील्‍ड और भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन को लगाने की अनुमति दी गई है. भारत के शहरों में इन वैक्‍सीन की खेप पहुंच रही है. 16 जनवरी से वैक्‍सीन लगाया जाना शुरू हो रहा है, इसमें करीब तीन करोड़ स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स को पहले टीका लगाया जाएगा.
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