मई के अंत तक रह सकती है कोरोना की दूसरी लहर, 1 दिन में आ सकते हैं 3 लाख केस: एक्सपर्ट

कोरोना की दूसरी लहर बेलगाम रफ्तार से आगे बढ़ रही है. (तस्वीर-AP)

कोरोना की दूसरी लहर बेलगाम रफ्तार से आगे बढ़ रही है. (तस्वीर-AP)

बुधवार को देश में एक बार फिर रिकॉर्ड संख्या में कोविड संक्रमण के मामले (New Covid Cases) सामने आए हैं. देश में 24 घंटे के दौरान 184372 मामले आए हैं. अब तक कुल मामलों की संख्या 1.38 करोड़ हो चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 7:59 PM IST
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मारया शकील 

नई दिल्ली. एक टॉप वायरोलॉजिस्ट (Virologist) के मुताबिक देश को अभी कोरोना (Corona) की दूसरी लहर (Second Wave) से राहत मिलने में वक्त लगेगा. वायरोलॉजिस्ट डॉ. शाहिद जमील (Dr. Shahid Jameel) का कहना है कि महामारी की दूसरी लहर मई महीने के आखिरी तक टिक सकती है और हर दिन नए संक्रमण का आंकड़ा 3 लाख तक पहुंच सकता है. बता दें कि बुधवार को देश में एक बार फिर रिकॉर्ड संख्या में कोविड संक्रमण के मामले सामने आए हैं. देश में 24 घंटे के दौरान 184372 मामले आए हैं. अब तक कुल मामलों की संख्या 1.38 करोड़ हो चुकी है.

डॉ. जमील ने न्यूज़18 से बातचीत में कहा, 'नए मामलों की संख्या में जिस रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है वह वाकई में डराने वाली है. अगर आप एक्टिव केस ग्रोथ की तरफ देखें तो ये तकरीबन हर दिन 7 प्रतिशत से बढ़ रही है. ये प्रतिशत बहुत ज्यादा है. अगर यही रफ्तार रही तो हम हर दिन तीन लाख की संख्या तक पहुंच सकते हैं. ऐसा कुछ मॉडल्स में भी बताया गया है.'

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कई नए स्ट्रेन्स ने समस्या को और जटिल कर दिया है

भारत अब ब्राजील को पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है. अमेरिका दुनिया में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित देश है. कई नए स्ट्रेन्स ने समस्या को और जटिल कर दिया है. डॉ. जमील का कहना है, 'नए म्यूटेंट निश्चित तौर पर अधिक संक्रमणकारी हैं लेकिन इससे होने वाली मौतों का कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है. हालांकि उन्होंने भारत में वैक्सीन की कमी की बातों को खारिज कर दिया है.'

वैक्सीन की कमी को नकारा



डॉ. जमील ने कहा, 'सीरम इंस्टिट्यूट अकेले एक महीने में 5 से 6 करोड़ डोज तैयार कर सकता है. इसी तरह भारत-बायोटेक भी 2 से तीन करोड़ डोज बना सकता है. अगर आप सार्वजनिक डेटा की तरफ देखें तो भारत की इन दोनों कंपनियों ने अब तक 31-32 करोड़ वैक्सीन डोज बनाए हैं. जिनमें से देश में अब तक करीब 12 करोड़ डोज इस्तेमाल हुए हैं और करीब 65 लाख डोज बाहर भेजे गए हैं. तो अब भी करीब 10 करोड़ डोज बाकी होने चाहिए. इसलिए वैक्सीन की कमी तो नहीं दिखती. ये लॉजिस्टिक की समस्या हो सकती है.'
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