WHO ने की भारत की तारीफ, कहा- आक्रामक रवैये से काबू में कोरोना संक्रमण के मामले

WHO ने की भारत की तारीफ, कहा- आक्रामक रवैये से काबू में कोरोना संक्रमण के मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 507 हो गई है. 2230 लोग ठीक हो कर घर लौट चुके है. वहीं एक्टिव केसों की संख्या 12969 हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 507 हो गई है. 2230 लोग ठीक हो कर घर लौट चुके है. वहीं एक्टिव केसों की संख्या 12969 हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2020, 10:11 AM IST
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नई दिल्ली. देश भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) से निपटने के लिए किए जा रहे इंतजामों की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रशंसा की है. दक्षिण पूर्वी एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि भारत की आक्रामक और शुरुआती उपायों ने मरीज़ों की संख्या को नियंत्रित रखा. उन्होंने ज्यादा टेस्टिंग पर जोर दे रही ICMR की योजना को भी सराहा और कहा कि लॉकडाउन को धीरे-धीरे खोलना होगा.

अंग्रेजी दैनिक हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में खेत्रपाल सिंह ने लॉकडाउन खोलने के सवाल पर कहा, 'लोकल ट्रांसमिशन का नियंत्रण में आना, स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमताओं का पता लगाना, टेस्ट के जरिये नए मरीज़ों और फिर उनके संपर्कों का पता लगाने जैसे मानकों पर खरे उतरें, तब लॉकडाउन को धीरे-धीरे खोलना होगा.'

उन्होंने कहा कि 'अब तक भारत में कोविड-19 के संक्रमितों में संख्या अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है, जिसके लिए शुरुआती और आक्रामक उपाय ज्यादा मायने रखते हैं. ICMR द्वारा पूल टेस्टिंग से जुड़े एक सवाल पर सिंह ने कहा, डब्ल्यूएचओ को पता है कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद कुछ राज्यों में पूल टेस्टिंग कर रही है, विशेषकर गैर-हॉटस्पॉट क्षेत्रों में. हम टेस्टिंग को बढ़ाने के उपायों का स्वागत करते हैं.'



यह पूछे जाने पर कि क्या गर्म और आर्द्र मौसम वायरस का प्रसार धीमा कर देता है, सिंह ने कहा कि अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वायरस ज्यादा तापमान में नहीं रहेगा.
'टेस्टिंग किट्स की कमी पर क्या कहा?
टेस्टिंग किट्स के शॉर्टेज के सवाल पर सिंह ने कहा कि लैब में अच्छे संसाधनों से सटीक रिपोर्ट आते हैं. हालांकि समय पर सटीक परिणाम की उपलब्धता उस वक्त खतरे में पड़ जाएगी जब टेस्टिंग किट्स नहीं होंगी. यह टेस्टिंग में पिछड़ने सरीखा होगा, जिससे 24 से 48 घंटों के भीतर रिजल्ट्स जारी करना संभव नहीं होगा. कर्मचारी थक गए हैं; आने वाले नमूनों की संख्या के सेफ स्टोरेज के लिए जगह नहीं होना और महत्वपूर्ण कर्मचारियों के संक्रमित होने से असर पड़ेगा.

गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी 19 अप्रैल की सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 507 हो गई है. 2230 लोग ठीक होकर घर लौट चुके है. वहीं एक्टिव केसों की संख्या 12969 हैं.
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