IMD कीबढ़ेगी ताकत, ओडिशा में बनेगा देश का पहला तूफान अध्ययन परीक्षण मंच

ओडिशा में हर साल औसतन 350 से अधिक लोगों की बिजली गिरने के कारण मौत हो जाती है.

ओडिशा में हर साल औसतन 350 से अधिक लोगों की बिजली गिरने के कारण मौत हो जाती है.

विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में बताया कि भोपाल में अपनी तरह के पहले ‘मानसून परीक्षण मंच (टेस्टबेड)’ बनाने की भी योजना है.

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भुवनेश्वर. ओडिशा के बालासोर में देश का पहला ‘तूफान अध्ययन परीक्षण मंच (टेस्टबेड)’ बनेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि इसका उद्देश्य बिजली गिरने से होने वाले जानमाल के नुकसान को कम से कम करना है. विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में बताया कि भोपाल में अपनी तरह के पहले ‘मानसून परीक्षण मंच (टेस्टबेड)’ बनाने की भी योजना है.

उन्होंने बताया कि दोनों ही परियोजनाएं योजना स्तर पर हैं और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाई जा रही है. महापात्रा ने बताया कि तूफान टेस्टबेड की स्थापना पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, मौसम विभाग, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) के साथ मिलकर की जाएगी. उन्होंने कहा, आईएमडी, इसरो तथा डीआरडीओ की बालासोर में इकाईयां पहले से हैं.

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उन्होंने बताया कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में अप्रैल से जून के बीच बिजली गिरने के कारण अनेक लोगों की मौत हो जाती है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ओडिशा में हर साल औसतन 350 से अधिक लोगों की बिजली गिरने के कारण मौत हो जाती है.
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