पत्नी की मौत के बाद बनाया उसके सपनों का घर, मूर्ति के साथ किया गृह प्रवेश

पत्नी की मौत के बाद बनाया उसके सपनों का घर, मूर्ति के साथ किया गृह प्रवेश
पत्नी के स्टैच्यू के साथ श्रीनिवास (तस्वीर ANI)

कर्नाटक (Karnataka) में उद्योगपति श्रीनिवास मूर्ति (Shrinivas Murthy) ने नये घर के प्रवेश के वक्त पत्नी की कमी ना महसूस हो और वह अपने सपने का घर का दुनिया में ना रहते हुए भी देख सके इस लिए उसने मूर्ति बनवा ली. गृह प्रवेश के दिन पत्नी का स्टैच्यू बनवा कर घर में रखा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 11, 2020, 10:14 AM IST
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कोप्पल. कर्नाटक (Karnataka) में एक उद्योगपति ने नये घर के प्रवेश के वक्त दिबंगत पत्नी की कमी ना महसूस हो इसके लिए उसने पत्नी की मूर्ति बनवा ली. गृह प्रवेश के दिन पत्नी का स्टैच्यू बनवाकर घर में रखा. उद्योगपति श्रीनिवास मूर्ति (Shrinivas Murthy) ने अपनी पत्नी माधवी की सिलिकॉन वैक्स के स्टैच्यू के साथ कोप्पल में अपने नए घर में प्रवेश किया. माधवी की जुलाई 2017 में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी. मूर्ति को बनाने में आर्किटेक्ट रंगनान्नवर की मदद से माधवी के सपनों के घर के अंदर रखा गया.

सुनहरी गुलाबी साड़ी पहने, एक मध्यम आयु वर्ग की महिला एक सफेद सोफे पर बैठी हुई है. उनके पति बगल में बैठे हैं और उसके कंधे पर हाथ रखे हुए हैं. करीब से देखने पर पता चलता है कि यह कोई जीवित महिला नहीं बल्कि मूर्ति है. कोप्पल निवासी 57 वर्षीय मूर्ति ने अपने घर में अपनी पत्नी की एक सिलिकॉन स्टैच्यू स्थापित की.

The News Minute की एक रिपोर्ट के अनुसार श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि 'मैं अपनी पत्नी की याद में कुछ खास करना चाहता था.  एक कार दुर्घटना में तीन साल पहले उनकी मृत्यु हो गई. तीन साल पहले, एमवीके माधवी अपनी दो बेटियों के साथ तिरुपति की यात्रा कर रही थी. ड्राइवर ने तेज रफ्तार ट्रक से बचने की कोशिश की, लेकिन एक्सीडेंट हो गया और ट्रक का पिछला हिस्सा कार के में जा घुसा. इसके असर से माधवी की तुरंत मौत हो गई.'



उनकी बेटियां दुर्घटना में मामूली रूप से घायल थीं और शारीरिक रूप से ठीक हो गईं, लेकिन माधवी की मौत से परिवार टूट गया, अपनी पत्नी के सपने के बारे में बताते हुए श्रीनिवास ने कहा उन्होंने दो साल पहले उनकी याद में एक घर बनाने का फैसला किया.  उन्होंने 25 से अधिक आर्किटेक्ट्स से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली.



गडग में मिला कलाकार
एक साल पहले वह गडग गए और  श्रीनिवास ने हेश रंगनादावारू के बारे में सुना, महेश ने सुझाव दिया कि माधवी की आदमकद प्रतिमा नए घर के लिविंग रूम से सटे आगे के कमरे में लगाई जाए. साथ ही बताया कि श्रीनिवास बेंगलुरु शहर के जाने माने खिलौने बनाने वाले गोंबे माने से मिलें, मूर्ति ने कहा कि 'महेश ने मुझे बताया कि गोमबे माने ने गडग में तोंदादित्य मठ के लिए कुछ काम किया था. मैंने लगभग एक साल पहले ऑर्डर दिया था.मैंने उन्हें अपनी पत्नी की कई तस्वीरें दीं. वह इतनी असली लग रही है.'

मकान का निर्माण जुलाई में पूरा हुआ. 8 अगस्त को, श्रीनिवास ने दोस्तों और रिश्तेदारों को गृह प्रवेश के लिए बुलाया. मूर्ति ने कहा कि 'हर कोई बहुत आश्चर्यचकित था. कुछ सेकेंड्स के लिए उन्हें लगा यह मेरी पत्नी हैं. मेरी पत्नी का सपना था कि एक बंगला बनाया जाए. अब वह इसे देखने के लिए जिन्दा नहीं है लेकिन उसका स्टैच्यू हमें एहससा कराता रहेगा कि उसने सब देखा.'
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