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डिजिटल मीडिया गाइडलाइंस पर केंद्र की सफाई, "नया नहीं पुराना है नियम"

केंद्र की गाइडलाइन का उद्देश्य डिजिटल कंटेंट को रेगुलेट करना है. डिजिटल कंटेंट का आशय डिजिटल न्यूज, सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म से है.

केंद्र की गाइडलाइन का उद्देश्य डिजिटल कंटेंट को रेगुलेट करना है. डिजिटल कंटेंट का आशय डिजिटल न्यूज, सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म से है.

Guidelines for Intermediaries and Digital Media Ethics Code: नई गाइडलाइंस के चलते केंद्र सरकार को शक्ति का केंद्रीकरण करने संबंधी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था और ये भी कि नए नियमों के बाद प्रकाशकों के लिए सुनवाई का कोई मौका नहीं बचा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2021, 7:30 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार की ओर से हाल में जारी डिजिटल मीडिया गाइडलाइंस पर शनिवार को सफाई दी गई कि आपात स्थिति में इंटरनेट कंटेंट ब्लॉक करने का प्रावधान 2009 से है, ये हाल में जारी नहीं किया गया है. ये सफाई तब दी गई है, जब डिजिटल मीडिया को लेकर आईं नई गाइडलाइंस के चलते केंद्र सरकार को शक्ति का केंद्रीकरण करने जैसी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था और ये भी कि नए नियमों के बाद प्रकाशकों के लिए सुनवाई का कोई मौका ही नहीं बचा है. ANI के मुताबिक भारत सरकार ने शनिवार को कहा कि सूचना तकनीक नियम, 2021 के भाग-3 के नियम-16 को लेकर कई सारे भ्रम फैलाए जा रहे हैं, जबकि ये नियम डिजिटल मीडिया इकोसिस्टम के लिए समाचार प्रकाशकों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को संस्थागत ढांचा प्रदान करेंगे.

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंफॉर्मेशन और तकनीकी मंत्रालय ने गुरुवार को सूचना तकनीकी (Guidelines for Intermediaries and Digital Media Ethics Code) नियम, 2021 जारी किया था. इस कानून का उद्देश्य डिजिटल कंटेंट को रेगुलेट करना है. डिजिटेंट कंटेंट का आशय डिजिटल न्यूज, सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म से है. गाइडलाइंस के भाग-3 का नियम 16 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव को यह शक्ति देता है कि किसी भी आपात स्थिति में वह कंटेंट ब्लॉक करने का अंतरिम आदेश जारी कर सकता है. इस प्रावधान के बाद मीडिया संगठनों और राजनीतिक पार्टियों सहित तमाम क्षेत्र के लोगों ने केंद्र सरकार की आलोचना की है.

कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये "अभिव्यक्ति की आजादी और रचनात्मकता के लिए बेहद खतरनाक" है अन्यथा बहुत ज्यादा सावधानी बरती जाए. नई दिल्ली में प्रेस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, "एक ब्यूरोक्रेट के हाथों में पूरी ताकत दे दी गई है... दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि किसी भी क्षेत्र में इस सरकार में संयम देखने को नहीं मिल रहा."



केंद्र सरकार की सफाई का मतलब ये है कि नया प्रावधान वहीं है, जो पिछले 11 सालों से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीकी मंत्रालय के सचिव द्वारा सूचना तकनीकी (Procedure and Safeguards for Blocking for Access of Information by Public) नियम 2009 के तहत लागू किया जाता रहा है.
केंद्र का बयान कहता है कि "2021 की गाइडलाइन का भाग 3 सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रशासित किया जाएगा, लिहाजा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीकी मंत्रालय के सचिव की जगह, सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय कर दिया गया है."

"इसके अलावा कोई और नया प्रावधान नहीं किया गया है."
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