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    ड्रग तस्करी में 10 साल की सजा काट रहे इस बच्ची के निर्दोष मां-बाप

    आयत कुरैशी
    आयत कुरैशी

    तस्वीर में दिखाई दे रही बच्ची का नाम आयत कुरैशी (Ayat Qureshi) है. महज एक साल की इस बच्ची की कहानी बेहद दर्द भरी है. इसके मां-बाप ओनिबा शरीक और मोहम्मद शरीक (Oniba Shareeq and Mohammad Shareeq ) बेगुनाह होने के बावजूद कतर की जेल ड्रग तस्करी के मामले में बंद हैं. भारत में हुई जांच में पता चला है कि ओनिबा और मोहम्मद शरीक बेगुनाह हैं. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो कतर के डिप्लोमेटिक चैनल से बात कर रहा है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 24, 2020, 6:05 AM IST
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    नई दिल्ली. इतिहास में कई बार ऐसी घटनाएं हुई हैं जब कानून के हाथों ऐसे व्यक्ति को सजा मिल जाती है जो गुनहगार नहीं होता. फिल्मों और साहित्य में तो हमने ऐसी कई कहानियां देखी-पढ़ी हैं. पश्चिम एशियाई देश कतर (Qatar) में एक भारतीय कपल (Indian Couple) और उसकी बच्ची (Daughter) के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. तस्वीर में दिखाई दे रही बच्ची का नाम आयत कुरैशी है. महज एक साल की इस बच्ची की कहानी बेहद दर्द भरी है. दरअसल इसके मां-बाप ओनिबा शरीक और मोहम्मद शरीक हैं.

    ओनिबा शरीक और मोहम्मद शरीक को कतर ड्रग तस्करी के आरोप में दस साल की सजा सुनाई गई है. अब इसे लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो राजनयिक चैनल्स के जरिए कपल को भारत लाने का प्रयास कर रहा है. ये कपल साल 2019 में हनीमून मनाने के लिए कतर गया हुआ था. कतर एयरपोर्ट सिक्योरिटी चेक के दौरान करीब 4 किलो हशीश रिकवर की गई थी. इसके बाद कतर की ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी ने दोनों को तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया था.

    कतर में ड्रग्स मामलों का होता है स्पीडी ट्रायल
    कतर में ड्रग्स से संबंधित मामलों का स्पीडी ट्रायल किया जाता है. सुनवाई के बाद के कतर की सुप्रीम ज्युडिशयरी काउंसिल ने कपल को दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. दोनों पर 6 लाख रियाल का जुर्माना भी लगाया गया है.
    मां-बाप को सजा मिलने की वजह से आयत भी कतर की जेल में ही है. उसका जन्म भी वहीं हुआ.




    लड़की के पिता ने शिकायत कर बताई पूरी दास्तान
    इधर भारत में ओनिबा के पिता ने कतर स्थित भारतीय एंबेसी को खत लिखकर बताया है कि उनके बेटी और दामाद निर्दोष हैं. दोनों को जानबूझकर फंसाया गया है. इसके अलावा सितंबर 2019 में उन्होंने एनसीबी के हेड राकेश अस्थाना को भी खत लिखा था. उन्होंने अपने दामाद की एक रिश्तेदार तबस्सुम रियाज का जिक्र करते हुए कहा है कि उसने ही उनके बेटी और दामाद को एक बैग दिया था जिसमें ड्रग्स पैक किया गया था. इस बैग को कतर में एक जानने वाले को देने की बात कही गई थी. उस रिश्तेदार ने कहा था कि इस बैग में जर्दा और पान मसाला है.

    एनसीबी जांच में हुआ खुलासा
    इसके बाद एनसीबी ने मामले की जांच की तो पता चला कि तबस्सुम रियाज ड्रग तस्करी गिरोह से जुड़ी हुई है जिसके पश्चिम एशिया में अच्छे खासे संबंध हैं. अब एनसीबी कतर के प्रशासन से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रही है कि कपल निर्दोष है.
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