कोरोना वायरस: मेडिकल स्टाफ के परिवार को नहीं मिले इंश्योरेंस के पैसे, मरीजों के इलाज के दौरान हुई थी उनकी मौत

कोरोना वायरस: मेडिकल स्टाफ के परिवार को नहीं मिले इंश्योरेंस के पैसे, मरीजों के इलाज के दौरान हुई थी उनकी मौत
सांकेतिक तस्वीर

Coronavirus: 24 मार्च का सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर देने का ऐलान किया गया था. लेकिन ड्यूटी के दौरान मौत के शिकार हुए 82 मेडिकल स्टाफ में से 63 के परिवारों को इंश्योरेंस क्लेम के पैसे अब तक नहीं मिले हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 11, 2020, 11:54 AM IST
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नई दिल्ली. देश भर में हर तरफ लोग इन दिनों कोरोना वायरस (Coronavirus) के इलाज में लगे मेडिकल स्टाफ की हौसला अफजाई कर रहे हैं. ये वो स्टाफ हैं, जो अपनी जान को जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा में लगे हैं. पिछले कुछ महीनों के दौरान 82 मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई, लेकिन अब तक इनमें से 63 परिवारों को इंश्योरेंस क्लेम के पैसे नहीं मिले हैं. बता दें कि 22.12 लाख मेडिकल स्टाफ को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर देने का ऐलान किया गया था.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने उठाया मुद्दा
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्रालय ने इंश्योरेंस के पैसे न मिलने का मुद्दा राज्यों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उठाया था. अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि सभी राज्यों से इंश्योरेंस के कागजात 14 जुलाई तक जमा करने को कहा गया है. बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को नर्सों और डॉक्टरों सहित 63 स्वास्थ्य कर्मचारियों के अभी तक डॉक्यूमेंट्स नहीं मिले हैं. ऐसे में अब तक कुल 19 को ही इंश्योरेंस के पैसे मिल पाए हैं.

इन राज्यों में है पेंडिंग केस
एक आधिकारिक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि राज्य सरकारों ने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में 63 में से 25 क्लेम अभी पेंडिग हैं. इसके बाद दिल्ली के 11 क्लेम पेंडिंग हैं. गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान और तेलंगाना को अभी भी अपने मेडिकल स्टाफ के पूरे दस्तावेज जमा करने हैं.



सरकार ने खास ध्यान देने को कहा
राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा कि परिवार सदमे में थे, जिसके कारण उनके दस्तावेज पूरे करने में देरी हुई. हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि महामारी के खिलाफ काम में लगे स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए इंश्योरेंस में देरी एक गलत मिसाल कायम करेगी. सूत्रों के मुताबिक सरकार ने इस पर खास ध्यान देने को कहा है.

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मार्च में हुआ था ऐलान
बता दें कि कि 24 मार्च का सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर देने का ऐलान किया गया था. ये योजना पहले 3 महीने यानी जून तक के लिए थी, लेकिन कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण के चलते अब इसे सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
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