विधायकों के लिए कांग्रेस-जेडीएस को क्यों है सिर्फ शर्मा ट्रैवल्स की बसों पर भरोसा

कांग्रेस और जेडीएस के विधायक आजकल ट्रांसपोर्टेशन के लिए सिर्फ शर्मा बसों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं.

News18Hindi
Updated: May 18, 2018, 9:47 AM IST
विधायकों के लिए कांग्रेस-जेडीएस को क्यों है सिर्फ शर्मा ट्रैवल्स की बसों पर भरोसा
कांग्रेस-जेडीएस विधायक शर्मा ट्रांसपोर्ट की इसी बस का इस्तेमाल कर रहे हैं.
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Updated: May 18, 2018, 9:47 AM IST
कर्नाटक में चल रहे सियासी नाटक में एक भी विधायक के इधर से उधर होने पर कर्नाटक में सत्ता की तस्वीर बदल सकती है. ऐसे में राजनीतिक पार्टियां कोई रिस्क नहीं लेना चाहती. कांग्रेस-जेडीएस विधायकों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने वाली बस की कहानी भी बरसों पुरानी है. कांग्रेस ने अपने विधायकों के ट्रांसपोर्ट के लिए अपने वफादार ट्रांसपोर्टर डीपी शर्मा बस सर्विसेज पर भरोसा जताया है. कांग्रेस और जेडीएस के विधायक आजकल ट्रांसपोर्टेशन के लिए सिर्फ शर्मा बसों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं.

राजस्थान से निकले धनराज शर्मा 1980 से दक्षिण की राजनीति में एक्टिव थे तब उनका रियल स्टेट व्यापार शुरु ही हुआ था. अपने व्यापार के साथ-साथ शर्मा राजनीति में भी अपना हाथ आज़मा रहे थे. शर्मा ने 1998 में कांग्रेस टिकट पर साउथ बैंगलोर की लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था. लेकिन यूनियन अफेयर मिनिस्टर अनंत कुमार से करीब डेढ़ लाख वोटों से हार गए थे. शर्मा पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव, राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के करीबी भी बताए जाते है. धनराज परासमल शर्मा का 2001 में निधन हो गया.

शर्मा ट्रांसपोर्ट्स, दक्षिण भारत के ज्यादातर शहरों में बस और कार्गो सर्विसेज चलाते हैं. कांग्रेस के विधायकों को बचाने वाली शर्मा ट्रांसपोर्ट कंपनी अब धनराज शर्मा के बेटे सुनील कुमार शर्मा चलाते हैं. ये बस सर्विसेज बेंगलुरु से मुंबई, पुणे, अहमादाबाद, चेन्नई, हैदराबाद, गोवा के बीच चलती है.

हालांकि बीजेपी कर्नाटक विधानसभा चुनावों में 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन फिर भी सत्ता पर काबिज होने वाला जादुई 112 का आंकड़ा बीजेपी के पास नहीं है. दूसरी तरफ कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर 116 सीटों का आंकड़ा छू लिया है. अब इस सिय़ासी जंग में जरूरत है सावधानी की और विधायकों को टूटने से बचाने की.

आधी रात को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में भी कोर्ट ने बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा के शपथग्रहण को नहीं रोका. सुप्रीम कोर्ट अपनी अगली सुनवाई शुक्रवार को करेगा.

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