अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें: इन देशों ने भारतीय उड़ानों पर आपत्ति क्यों जताई?

भारत की ओर से वंदे भारत मिशन और एयर बबल के हिस्से के रूप में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के बाद से अब तक कई देश भारत की उड़ानों को लेकर आपत्ति जता चुके हैं (सांकेतिक फोटो)
भारत की ओर से वंदे भारत मिशन और एयर बबल के हिस्से के रूप में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के बाद से अब तक कई देश भारत की उड़ानों को लेकर आपत्ति जता चुके हैं (सांकेतिक फोटो)

भारत की ओर से वंदे भारत मिशन (Vande Bharat Mission) और एयर बबल (Air Bubble) के हिस्से के रूप में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें (International Flights) शुरू करने के बाद से अब तक कई देश भारत की उड़ानों (Indian Flights) को लेकर आपत्ति जता चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 3, 2020, 9:37 PM IST
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नई दिल्ली. लॉकडाउन (Lockdown) के महीनों बाद, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International flights) ने धीरे-धीरे कई शर्तों के साथ दुनिया भर में सेवाएं (Services) फिर से शुरू कीं. धीरे-धीरे खोली जा रही विमान सेवाओं (Airlines) के बीच कई देशों ने उच्च जोखिम वाले देशों (High risk countries) से आने वाली उड़ानों (Flights) को रोकने के अपने अधिकारों का फिर से प्रयोग किया. स्थानीय एयरलाइनों (Local Airlines) के फायदे के लिए विदेशी उड़ानों पर प्रतिबंध (Ban on foreign flights) भी लगाया गया.

भारत की ओर से वंदे भारत मिशन (Vande Bharat Mission) और एयर बबल (Air Bubble) के हिस्से के रूप में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें (International Flights) शुरू करने के बाद से अब तक कई देश भारत की उड़ानों (Indian Flights) को लेकर आपत्ति जता चुके हैं. बाद में इनमें से कुछ मुद्दों को सुलझा लिया गया है. यहां ऐसे देशों की एक सूची (List of Countries) दी गई है और जिसमें लिखा है कि उन्होंने आपत्ति क्यों जताई-

संयुक्त राज्य अमेरिका
मई में, अमेरिकी प्रशासन ने वंदे भारत मिशन की उड़ानों पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि भारत सरकार अमेरिकी एयरलाइनों की ऐसी ही उड़ानों के संचालन पर रोक लगाकर उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रही है. इस मुद्दे को भारत और अमेरिका ने एयर बबल स्थापित करके सुलझाया, जिसके तहत दोनों देशों की एयरलाइनें यात्रियों को ले जाने में सक्षम हो गईं.
संयुक्त अरब अमीरात


संयुक्त राज्य अमेरिका के तुरंत बाद, संयुक्त अरब अमीरात ने ऐसी ही चिंता जताई कि भारत संयुक्त अरब अमीरात की किसी भी उड़ान की अनुमति नहीं दे रहा. जून में यूएई के अधिकारियों ने कहा था कि यदि एयर इंडिया की उड़ानें यूएई के नागरिकों को ले जा रही हैं, तो उन्हें विशेष अनुमति की भी आवश्यकता होगी. इसके बाद यूएई के साथ एयर बबल की स्थापना की गई.

हांगकांग
अगस्त और सितंबर में दो बार पखवाड़े की अवधि के लिए हांगकांग ने वंदे भारत की उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था क्योंकि यात्रियों को कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया था.

दुबई
दुबई ने कोविड-19 की चिंता के चलते एयर इंडिया की उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था. अब इसने अधिकारियों को चार कोविड-19 परीक्षण केंद्रों को ब्लैकलिस्ट करने के लिए कहा है जब वे यात्रियों की फ्लाइट में सवार होने की अनुमति देने से पहले परीक्षण रिपोर्ट की जांच करते हैं.

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जर्मनी
वर्तमान में भारत और जर्मनी के बीच कोई उड़ान परिचालन नहीं है, हालांकि दोनों देशों के बीच एक एयर बबल समझौता है. इस बात पर चर्चा चल रही है कि जर्मनी भारतीय वाहकों को उतनी उड़ान भरने की अनुमति नहीं दे रहा है, जितनी कि लुफ्थांसा को मिल रही है.” नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) ने पहले कहा था, "भारतीय वाहक सप्ताह में 3-4 उड़ानों का संचालन करते हैं, जबकि लुफ्थांसा ने सप्ताह में 20 उड़ानें संचालित कर रही है. इस असमानता के बावजूद, हमने लुफ्थांसा के लिए एक सप्ताह में 7 उड़ानें खाली करने की पेशकश की, जो उनके द्वारा स्वीकार नहीं की गई थी. बातचीत जारी है.“
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