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पिछले 14 दिनों में भारत आए सभी संक्रमित अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की होगी जीनोम सीक्वेंसिंग

ब्रिटेन में फैल रहे कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर सरकार ने एक्शन मोड में है. (सांकेतिक तस्वीर)
ब्रिटेन में फैल रहे कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर सरकार ने एक्शन मोड में है. (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus New Strain: ब्रिटेन से भारत लौटे छह लोगों के नमूनों में अब तक सार्स-सीओवी2 का नया स्वरूप (स्ट्रेन) पाया गया है. राज्य सरकारों ने इन सभी लोगों को चिह्नित स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में अलग पृथक-वास कक्षों में रखा है और उनके संपर्क में आए लोगों को भी पृथक-वास में रखा गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 29, 2020, 5:14 PM IST
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नई दिल्ली. ब्रिटेन (Britain) में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए स्ट्रेन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) भी एक्शन मोड में है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले दिनों ब्रिटेन से भारत आए लोगों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक सभी अंतरराष्ट्रीय यात्री जो पिछले 14 दिनों (9 दिसंबर से 22 दिसंबर, 2020 तक) के दौरान भारत आए हैं यदि उनमें कोरोना के लक्षण हैं और वह पॉजिटिव पाए गए हैं तो ब्रिटेन में फैल रहे कोविड-19 के नए स्ट्रेन के मद्देनजर उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग (Genome Sequencing) की जाएगी.

बता दें ब्रिटेन से भारत लौटे छह लोगों के नमूनों में अब तक सार्स-सीओवी2 का नया स्वरूप (स्ट्रेन) पाया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान अस्पताल (निमहांस) में जांच के लिए आए तीन नमूनों, हैदराबाद स्थित कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) में दो नमूनों और पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) में एक नमूने में वायरस का नया स्वरूप पाया गया.

क्या होती है जीनोम सीक्वेंसिंग
जीनोम सीक्वेंसिंग किसी वायरस का बायोडाटा होता है. कोई वायरस कैसा है, कैसा दिखता है, इसकी जानकारी इसी से मिलती है. इसी वायरस के विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है. वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सीक्वेंसिंग कहते हैं.
संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों की हो रही जांच


मंत्रालय ने बताया कि राज्य सरकारों ने इन सभी लोगों को चिह्नित स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में अलग पृथक-वास कक्षों में रखा है और उनके संपर्क में आए लोगों को भी पृथक-वास में रखा गया है. उसने बताया कि इन लोगों के साथ यात्रा करने वाले लोगों, उनके परिवार के सदस्यों और उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है. अन्य नमूनों का जीनोम अनुक्रमण किया जा रहा है.

मंत्रालय ने कहा, ‘‘हालात पर निकटता से नजर रखी जा रही है और सतर्कता बढ़ाने, संक्रमण को रोकने, जांच बढ़ाने और नमूनों को आईएनएसएसीओजी प्रयोगशालाओं में भेजने के लिए राज्यों को नियमित सलाह दी जा रही है.’’

सबसे पहले ब्रिटेन में मिला वायरस का नया स्वरूप डेनमार्क, हॉलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर में भी पाया गया है.

मंत्रालय ने बताया कि 25 नवंबर से 23 दिसंबर की आधी रात तक ब्रिटेन से आए करीब 33,000 यात्री विभिन्न भारतीय हवाईअड्डों पर उतरे. (भाषा के इनपुट सहित)
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