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सर्जिकल स्ट्राइक पर भारत को मिला रूस और ईयू के बाद जर्मनी का भी समर्थन

Pradesh18
Updated: October 5, 2016, 11:41 PM IST
सर्जिकल स्ट्राइक पर भारत को मिला रूस और ईयू के बाद जर्मनी का भी समर्थन
पीटीआई की फाइल तस्‍वीर.

एलओसी पार कर पीओके में की गई भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का रूस के बाद अब जर्मनी ने भी समर्थन किया है. दुनिया की महाशक्तियों में शामिल रूस और जर्मनी ने खुलकर भारत के पक्ष में बयान जारी किया है. जर्मनी ने बुधवार को सर्जिकल स्ट्राइक पर भारत के कदम का समर्थन किया.

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एलओसी पार कर पीओके में की गई भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का रूस के बाद अब जर्मनी ने भी समर्थन किया है. दुनिया की महाशक्तियों में शामिल रूस और जर्मनी ने खुलकर भारत के पक्ष में बयान जारी किया है. जर्मनी ने बुधवार को सर्जिकल स्ट्राइक पर भारत के कदम का समर्थन किया. उसकी ओर से कहा गया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का साथ देगा.

जर्मनी के राजदूत मार्टिन ने सर्जिकल स्ट्राइक पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि इस तरह के सीमा पार आतंकवाद के मसले पर दो अंतरराष्ट्रीय कानून हैं. पहला स्पष्ट कानून है कि हर राज्य को न्यायिक प्रक्रिया के तहत यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसकी धरती पर आतंकवाद न पनपे. दूसरा यह कि हर देश को वैश्विक आतंकवाद से अपनी रक्षा करने का हक है.

पीएम मोदी और एंजेला मार्केल के बीच हुआ है समझौता
मार्टिन ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की जब बात आती है, तो जर्मनी अपने रणनीतिक पार्टनर भारत के साथ खड़ा होता है. यह महज जुबानी बयान भर नहीं हैं. पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल के बीच हुए राजनीतिक घोषणापत्र में इसे स्पष्ट किया जा चुका है. जर्मन राजदूत मार्टिन ने कहा कि मैं आपको भरोसा दिला सकता हूं कि यह केवल कहने की बात नहीं कि हम भारत के साथ खड़े हैं. इसके पीछे ठोस आधार हैं.



रूस और यूरोपियन यूनियन भी कर चुका है भारत का समर्थन
इससे पहले भारत में रूस के राजदूत कदकिन ने भी सर्जिकल स्ट्राइक पर भारत का समर्थन किया था. मंगलवार को यूरोपियन संसद के उपराष्ट्रपति ने भी आतंकवाद के मसले पर भारत के साथ खड़े होने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की तरफ से पनप रहे आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत वैश्विक समर्थन का हकदार है.

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First published: October 5, 2016, 11:41 PM IST
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