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ड्रग्स माफिया के खिलाफ दिल्ली से मुंबई तक NCB की रेड, कई देशों में करते थे सप्लाई

एनसीबी के अधिकारियों ने छापा मारकर जब इस स्टाक को पकड़ा तो इसकी कडियां दिल्ली के उस गोदाम तक जा पहुंची

एनसीबी के अधिकारियों ने छापा मारकर जब इस स्टाक को पकड़ा तो इसकी कडियां दिल्ली के उस गोदाम तक जा पहुंची

Mumbai Latest news in Hindi: एनसीबी के जोनल डॉयरेक्टर समीर वानखेड़े के मुताबिक, ट्रामाडोल सबसे घातक ड्रग्स में से एक है जिसे भारत में प्रतिबंधित किया गया है. केवल डाक्टर्स की सलाह पर ही प्रिसक्रिप्शन पर ही इसे किसी को डायल्युटेड लेवल पर पेन किलर के तौर पर दिया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 7:16 PM IST
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आशीष सिंह

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मुंबई और दिल्ली में छापेमारी करते हुए ट्रामाडोल ड्रग्स की बड़ी कन्साइनमेंट को जब्त किया है. आईएसआईएस की फाइटर ड्रग्स माने जाने वाली ट्रामाडोल की इस कन्साइनमेंट को उस वक्त घर दबोचा जब मुंबई के रास्ते इसे बांग्लादेश होते हुए गल्फ देशों, यूके, यूएस और ऑस्ट्रेलिया में डिलीवर करने की तैयारी की जा रही थी.

एनसीबी के अधिकारियों ने छापा मारकर जब इस स्टाक को पकड़ा तो इसकी कड़ियां दिल्ली के उस गोदाम तक जा पहुंची जहां से इसे देशभर में सप्लाई किया जाता था. इस मामले में इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का बड़ा सप्लायर भी हाथ लगा. बताया जा रहा है कि एनसीबी को जानकारी मिली थी कि इस कन्साइनमेंट को भेजने वाला सप्लायर डिलीवरी के वक्त दिल्ली में छिपा बैठा है जिसके बाद एनसीबी की एक टीम दिल्ली रवाना हुई जहां मोहम्मद अनस नाम के ड्रग्स सप्लायर को घर दबोचा गया.



मोहम्मद अनस ने पूछताछ में किए बड़े खुलासे
मोहम्मद अनस से पूछताछ में एनसीबी को उस गोदाम का सुराग हाथ लगा जहां पर आईएसआईएस की फाइटर ड्रग्स और इंजेक्शन का वो जखीरा हाथ लगा है जिसकी सप्लाई दिल्ली के संत नगर, बुराड़ी से पूरे देशभर में होती थी. इस गोदाम से ट्रामाडोल की 2835 टैबलेट, ट्रामाडोल के 100 एम्पालिस इन्जेक्शन और 2700 अल्प्राजोलम टैबलेटस समेत 6.9 किलो कोडिन बरामद की गई है.

भारत में प्रतिबंधित हैं ये ड्रग्स
एनसीबी के जोनल डॉयरेक्टर समीर वानखेड़े के मुताबिक, ट्रामाडोल सबसे घातक ड्रग्स में से एक है जिसे भारत में प्रतिबंधित किया गया है. केवल डाक्टर्स की सलाह पर ही प्रिसक्रिप्शन पर ही इसे किसी को डायल्युटेड लेवल पर पेन किलर के तौर पर दिया जा सकता है. उन्होंने बताया कि केमिकल कम्पोनेंट से तैयार इस ड्रग्स की डिमांड गल्फ कंट्रीज और यूरोप के कई देशों में सबसे ज्यादा है, जिसके पीछे की वजह है इसका हाई एन्टेसी डोज.
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इसके खतरनाक असर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आईएसआईएस के लड़ाके इस ड्रग्स का इस्तेमाल इराक-सीरिया की लड़ाई के दौरान करते थे, जिससे गोली लगने पर भी दर्द का एहसास नहीं होता. यूएस में इस ड्रग्स से 500 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
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