International Yoga Day: योग से पहले प्रधानमंत्री मोदी के ये 5 संदेश हैं कुछ खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे. पीएम मोदी ने धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में लगभग चालीस हजार लोगों के साथ योग किया.

News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 9:22 AM IST
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दुनिया भर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे. पीएम मोदी ने धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में लगभग 40 हजार लोगों के साथ योग किया. योग शुरू होने के कुछ देर बाद ही बारिश शुरू हो गई, लेकिन योगाभ्यास तब भी जारी रहा. योगाभ्यासन में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कई अहम बाते रखीं.

सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को सराहा
रांची के धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में हो रहे योगाभ्यास के दौरान प्रधानंत्री मोदी ने सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि योग दिवस को इस स्तर तक पहुंचाने में मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों की सराहना की. उन्होंने कहा कि जिस तरह सोशल मीडिया से जुड़े लोग योग से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाते हैं वह महत्वपूर्ण है. मैं सभी लोगों का आभार व्यवक्त करता हूं.

योग को शहर से गांव तक पहुंचने का संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे आधुनिक योग की अब शहर से गांव की ओर ले जाना है. हमें संकल्प करना होगा कि हम योग को गरीब और आदिवासी के घर तक ले जाएं. योग जब गरीब और आदिवासी के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाएगा, तो हर देश का हर व्यक्ति स्वस्थ होगा. उन्होंने कहा कि गरीब ही है जो बीमारी की वजह से सबसे ज्यादा कष्ट उठाता है.

इलनेस के बचाव के साथ वेलनेस पर फोकस 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के बदलते दौरान में जरूरी है कि हर इंसान इलनेस से बचाव के साथ-साथ वेलनेस पर फोकस करे. योग से हमें हर तरह की शक्ति मिलती है. यही भावना योग की है, पुरातन भारतीय दर्शन की है. योग सिर्फ तभी नहीं होता जब हम आधा घंटा जमीन या मैट पर होते हैं.
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योग अनुशासन है, समर्पण है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग आयु, रंग, जाति, संप्रदाय, मत, पंथ, अमीरी-गरीबी, प्रांत, सरहद के भेद से परे है. योग अनुशासन है, समर्पण हैं, और इसका पालन अपने पूरे जीवन में करना चाहिए. योग सबका है और सब योग के हैं.

ड्रॉइंग रूम से बोर्ड रूम तक फैल चुका है योग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया में जिस तरह से योग के प्रति लोग जागरूक हुए हैं तो हम कह सकते हैं कि योग के प्रति जागरूकता हर कोने तक, हर वर्ग तक पहुंची है. ड्रॉइंग रूम्स से बोर्ड रूम्स तक, शहरों के पार्क्स से लेकर स्पॉर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक, गली-कूचों से वेलनेस सेंटर्स तक आज चारों तरफ योग को अनुभव किया जा सकता है.

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First published: June 21, 2019, 8:03 AM IST
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