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सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर सहित दिल्‍ली से सटे इलाकों में शनिवार रात तक इंटरनेट बंद

दिल्‍ली और आसपास के इलाके में लगातार जारी किसान आंदोलन के कारण जन-जीवन पर असर पड़ा है तो इंटरनेट बाधित होने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है.
दिल्‍ली और आसपास के इलाके में लगातार जारी किसान आंदोलन के कारण जन-जीवन पर असर पड़ा है तो इंटरनेट बाधित होने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है.

Internet Services on Delhi Border: केंद्र सरकार ने सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर सहित दिल्‍ली से सटे इलाकों में शनिवार रात तक इंटरनेट (Internet) बंद रखने का निर्णय लिया है. किसान आंदोलन (Farmers Movement) को देखते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा के कारण यह कदम उठाया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 6, 2021, 7:27 PM IST
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नई दिल्‍ली. किसान आंदोलन (Farmers Protest) और प्रदर्शनकारी किसानों के चक्‍काजाम आंदोलन के मद्देनजर सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर सहित राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली से सटे इलाकों में शनिवार रात तक इंटरनेट सेवाएं (Internet Services) बंद करने का सरकार ने निर्णय लिया है. केंद्रीय गृह सचिव के अनुमोदन के बाद यह फैसला लिया गया है. आधिकारिक सूचना के अनुसार इंटरनेट सेवाएं केवल 6 फरवरी को रात 11 बजकर 59 मिनट तक के लिए ही बंद रहेंगी. आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय लोगों की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए लिया गया है. गौरतलब है कि 26 जनवरी को हुई हिंसक घटनाओं के कारण पुलिस अतिरिक्‍त सतर्कता बरत रही है. इस आंदोलन के कारण दिल्‍ली से सटे कई इलाकों में स्थितियां संवेदनशील बनी हुई हैं.

सूत्रों की माने तो पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों के आंदोलन को ध्‍यान में रखते हुए हरियाणा के सोनीपत और झज्‍जर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थी और प्रतिबंध अवधि को आगे बढ़ा दिया था. इंटरनेट सेवाएं, एसएमएस और डोंगल इंटरनेट सेवाओं को रोक दिया गया था. हालांकि वॉयस कॉलिंग पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया था. दिल्‍ली और आसपास के इलाके में लगातार जारी किसान आंदोलन के कारण जन-जीवन पर असर पड़ा है तो इंटरनेट बाधित होने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है. हरियाणा में तो इंटरनेट सेवाओं के बंद होने के कारण वकील भी परेशान हैं. उनका कहना है कि ऑनलाइन सुनवाई में दिक्‍कत होती है.

उधर, शनिवार की दोपहर केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का चक्का जाम शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुआ. किसान दिल्ली की सीमा पर ही रहे और छिटपुट घटनाओं के अलावा जाम शांतिपूर्ण ही रहा. जम्मू से लेकर कर्नाटक तक चक्का जाम के समर्थन में किसान शनिवार को सड़कों पर उतरे. जम्मू-पठानकोट हाइवे पर चक्का जाम देखने को मिला. ANI से प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा, "हम इन कानूनों की वापसी चाहते हैं, दिल्ली सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का हम समर्थन करते हैं." मध्य प्रदेश में चक्का जाम के समर्थन में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से 12 से 3 बजे के बीच सड़कों पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया.



पंजाब में चक्का जाम के समर्थन में लुधियाना-फिरोजपुर हाइवे पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और किसानों ने उन्हें सड़क पर लंगर कराया. लुधियाना के साथ अमृतसर, मोहाली जैसे पंजाब के अन्य शहरों सहित देशभर में शनिवार की दोपहर चक्का जाम देखने को मिला है. राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर किसानों के समर्थन में चक्का जाम रहा. कर्नाटक के बेंगलुरु पुलिस ने येलाहंका पुलिस स्टेशन के बाहर किसानों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को गिफ्तार किया और चक्का जाम को खोलने की कोशिश की.
चक्का जाम को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने मंडी हाउस, आईटीओ, दिल्ली गेट, लाल किला, जामा मस्जिद, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, खान मार्केट और नेहरू मेट्रो स्टेशन से आवाजाही बंद रखी. किसान संगठनों द्वारा देशभर में चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए शाहजहांपुर बॉर्डर (दिल्ली-राजस्थान बॉर्डर) पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात रहे.

दिल्ली पुलिस के पीआरओ चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि राजधानी दिल्ली में कोई घटना नहीं हुई है. ट्रैफिक मूवमेंट सामान्य रहा है और आम जीवन सामान्य रूप से गतिमान है.
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