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इंटरपोल की कार्यकारी समिति में चुने गए चीन के हू बिनचेन, कई संगठनों ने जताई चिंता

इंटरपोल की कार्यकारी समिति में चुने गए चीन के हू बिनचेन, कई संगठनों ने जताई चिंता

चीन के  हू बेनचेन और भारत के प्रवीण सिन्हा को इंटरपोल की कार्यकारी समिति में एशिया के प्रतिनिधि के तौर पर चुना गया है. (फोटो- @INTERPOL_HQ)

चीन के हू बेनचेन और भारत के प्रवीण सिन्हा को इंटरपोल की कार्यकारी समिति में एशिया के प्रतिनिधि के तौर पर चुना गया है. (फोटो- @INTERPOL_HQ)

Interpol Election: हू बेनचेन (Hu Binchen) की उम्मीदवारी का विरोध उन सांसदों ने किया था जो लोकतांत्रिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले वैश्विक गठबंधन का हिस्सा हैं. इनका कहना है कि उनके चुनाव से बीजिंग को एजेंसी का दुरुपयोग करने के लिए हरी झंडी मिल जाएगी. सीबीआई के विशेष निदेशक प्रवीण सिन्हा भी इंटरपोल की कार्यकारी समिति में एशिया के प्रतिनिधि चुने गए हैं.

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    नई दिल्ली. चीन के हू बेनचेन (Hu Binchen) और भारत के प्रवीण सिन्हा को इंटरपोल की कार्यकारी समिति (Interpol Executive Committee) में एशिया के प्रतिनिधि के तौर पर चुना गया है. ये चुनाव इस्तांबुल में चल रहे 89वें इंटरपोल की अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन की आम सभा के दौरान किए गए. इस बीच कई संगठनों ने चीन के बेनचेन की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं. उन पर मानवाधिकार उल्लंघन के कई आरोप हैं. बता दें कि इंटरपोल करीब 190 देशों के पुलिस बलों को एकसाथ लाता है और ये अंतरराष्ट्रीय अपराधों और आतंकवाद के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण निकाय के रूप में उभरा है.

    हू को चीन की सरकार का समर्थन प्राप्त है, जिसके बारे में संदेह है कि उसने निर्वासित असंतुष्टों का पता लगाने और अपने नागरिकों को गायब करने के लिए वैश्विक पुलिस एजेंसी का इस्तेमाल किया. हू को नियुक्त करना संस्था के लिए और खुद उनके लिए जोखिम से भरा हो सकता है. बता दें कि चीन के मेंग होंगवेई 2016 में इंटरपोल के अध्यक्ष चुने गए थे, लेकिन दो साल बाद चीन की वापसी यात्रा पर गायब हो गए. होंगवेई भ्रष्टाचार के आरोप में साढ़े 13 साल की जेल की सजा काट रहे हैं.

    इंटपोल का दुरुपयोग कर सकता है चीन
    हू बेनचेन की उम्मीदवारी का विरोध उन सांसदों ने किया था जो लोकतांत्रिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले वैश्विक गठबंधन का हिस्सा हैं. इनका कहना है कि उनके चुनाव से बीजिंग को एजेंसी का दुरुपयोग करने के लिए हरी झंडी मिल जाएगी और विशेष रूप से रेड नोटिस में वांछित भगोड़ों की गिरफ्तारी के लिए जारी किया गया है जो न्याय से बचने के लिए विदेश भाग गए हैं.

    आलोचकों का कहना है कि अगर इनकी जीत से मादक पदार्थ के तस्करों, मानव तस्करों, युद्ध अपराधों के संदिग्धों और कथित चरमपंथियों को न्याय के कटघरे में लाने के बजाए उनके देश निर्वासित असंतुष्टों और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को पकड़ने के लिए इंटरपोल की वैश्विक पहुंच का उपयोग करेंगे.

    Tags: China, Interpol

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