कोविशील्ड की दो डोज के बीच अंतर क्यों बढ़ाया गया? स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई वजह

12-16 सप्ताह हो गया है कोविशील्ड के दो डोज का अंतर (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी परामर्श समूह (NTAGI) ने कहा कि कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच अंतराल को बढ़ाने का निर्णय पारदर्शी तरीके से लिया गया है.

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए भारत में लोगों को लगाई जा रही कोविशील्ड (Covishield Vaccine) वैक्सीन की दो डोज़ के बीच अंतर बढ़ाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को ट्वीट करके कहा कि कोविशील्ड की दो डोज़ के बीच अंतर बढ़ाने का फैसला 'पारदर्शी' और वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर लिया गया था.

    दरअसल इससे पहले समाचार एजेंसी रायटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत सरकार ने वैज्ञानिक समूह की सहमति के बिना ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (कोविशील्ड) वैक्सीन की दो खुराक के बीच के अंतर को दोगुना कर दिया था. बता दें मई में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे थे और कई वैक्सीन सेंटर में खुराक की किल्लत हो गई थी. इसके बाद 13 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविशील्ड की दोनों डोज के बीच का गैप 6-8 सप्ताह से बढ़ाकर 12-16 सप्ताह कर दिया था.

    इसे लेकर अब स्वास्थ्य ने ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि इतने महत्वपूर्ण मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी परामर्श समूह (NTAGI) के अध्यक्ष एनके अरोड़ा का बयान भी लगाया, जिसमें उन्होंने कहा कि कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच अंतराल को बढ़ाने का निर्णय वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर पारदर्शी तरीके से लिया गया है.

    NTAGI के चेयरमैन डॉ. एनके अरोड़ा (NTAGI Chairman Dr. NK Aroda) ने कहा, 'हमने देखा कि UK जैसे कुछ देशों में टीकाकरण शुरू करते समय वैक्सीन की दो डोज के बीच 12 हफ्तों का अंतर रखा गया था. हमें इसकी जानकारी थी, लेकिन हमने 4 हफ्तों का ही अंतराल तय किया.' इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'फिर बाद में हमें कई नए वैज्ञानिक प्रमाण और डेटा मिले, जिनके आधार पर हमने पाया कि वैक्सीन की दो डोज के पीछे 4 हफ्तों का गैप होने से वैक्सीन की एफिकेसी लगभग 57 प्रतिशत और 8 हफ्तों का गैप होने से लगभग 60 प्रतिशत तक हो जाती है.'

    सरकार ने 13 मई को कहा था कि उसने कोविड-19 कार्यकारी समूह की अनुशंसाओं को स्वीकार करते हुए कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच के अंतराल को 6-8 सप्ताह से बढ़ाकर 12-16 सप्ताह कर दिया है. मंत्रालय ने कहा 'Covid​​-19 वर्किंग ग्रुप की सिफारिश को नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड ​​-19 (NEGVAC) द्वारा एक बैठक में स्वीकार किया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. वीके पॉल ने 12 मई 2021 को की.'

    राहुल ने सरकार को घेरा
    इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मोदी सरकार को घेरा है. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ‘भारत को त्वरित और संपूर्ण टीकाकरण की आवश्यकता है, न कि कोरोना रोधी टीकों की कमी पर पर्दा डालने के लिए ‘भाजपा के चित परिचित झूठ और नारों’ की जरूरत है.’ राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘प्रधानमंत्री की फर्जी छवि बचाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयास से वायरस को मदद मिल रही है और लोगों के जीवन के लिए खतरा पैदा हो रहा है.’

    वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि देश में अब तक कोविड-19 टीकों की 26 करोड़ से अधिक खुराक लगायी गई हैं. मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार को 18-44 साल के आयु वर्ग के 13,13,438 लोगों को टीके की पहली खुराक दी गयी जबकि 54,375 लोगों को दूसरी खुराक लगायी गई.

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