INTERVIEW: गुजरात सरकार के लिए परेशानी बने हार्दिक पटेल ने कहा, मैं नरेंद्र मोदी नहीं जो लोग मुझे देखने आएं

गुजरात की पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार आजकल परेशान है. इस परेशानी का कारण कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि 22 साल का युवक है. इस युवक ने आनंदीबेन पटेल सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है जो अब सरकार के गले की हड्डी बन गया है.

News18
Updated: August 20, 2015, 2:19 PM IST
INTERVIEW: गुजरात सरकार के लिए परेशानी बने हार्दिक पटेल ने कहा, मैं नरेंद्र मोदी नहीं जो लोग मुझे देखने आएं
गुजरात की पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार आजकल परेशान है. इस परेशानी का कारण कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि 22 साल का युवक है. इस युवक ने आनंदीबेन पटेल सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है जो अब सरकार के गले की हड्डी बन गया है.
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Updated: August 20, 2015, 2:19 PM IST
गुजरात की पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार आजकल परेशान है. इस परेशानी का कारण कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि 22 साल का युवक है. इस युवक ने आनंदीबेन पटेल सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है जो अब सरकार के गले की हड्डी बन गया है.

गुजरात में पटेल समुदाय आरक्षण की मांग को लेकर इन दिनों आंदोलन कर रहा है. हार्दिक पटेल इसी आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं. गुजरात में पटेल समुदाय खुद को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने की मांग कर रहा है. गुजरात सरकार को इस आंदोलन से निपटने के लिए खासी मशक्कत करना पड़ रही है.

हार्दिक ने यह आंदोलन पीएम नरेन्द्र मोदी के ही महेसाना जिले से शुरू किया है. इस पाटीदार अनामत आंदोलन की आग धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैल गई है. पहले तो राज्य सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया. जब बात बिगड़ती नजर आई तो सरकार की आंखें खुल गई, लेकिन तब तक वक्त‍ हाथ से निकल चुका था. सरकार ने एक कमेटी बनाई, जिसे आंदोलनकारियों के साथ वार्ता के लिए भेजा गया, लेकिन यह बातचीत बेनतीजा रही.

उत्तर गुजरात के बाद मध्य गुजरात, दक्षिण गुजरात, सौराष्ट्र सभी प्रदेश में आज 'जय सरदार, जय पाटीदार' के नारे गूंज रहे है. पाटीदार को कुछ नहीं चाहिए, पाटीदार को सिर्फ अनामत चाहिए के नारे तेज हो रहे है.

चार दिन पहले ही सूरत में लाखों की संख्या में पाटीदारों ने रैली निकालकर सरकार को चेतावनी दी कि ये तो सेमीफाइनल है और 25 तारीख को अहमदाबाद में फाइनल होना है. हार्दिक पटेल की इस ललकार से सरकार की नींद उड़ गई है. किसी भी हाल में रैली को टालने के प्रयास सरकार कर रही है.

हार्दिक पटेल को रोकने के लिए सरकार कई कोशिशें कर रही है. इतना ही नहीं, हार्दिक पर ये आरोप भी लग रहे हैं कि वह सिर्फ पब्लिसिटी के लिए ये कर रहा है. इसके बाद भी हार्दिक पटेल का एक ही नारा है, अनामत तो लेकर ही रहेंगे.

 
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क्या कहना है हार्दिक पटेल का जानिए उनकी ही जुबानी

सवाल - आखिर ये आंदोलन क्यों शुरू किया?
जवाब - आज पाटीदार समाज की स्थिति बहुत खराब है. पाटीदार समाज की आने वाली पीढ़ी को भविष्य में अन्याय का सामना ना करना पड़ा इसलिए आंदोलन छेड़ा है.

सवाल - जिस ऑडियो टेप में आप पर पब्लिसिटी करने का आरोप लगा है?
जवाब - लालजी भाई किसके साथ बात कर रहे हैं वह मुझे नहीं पता, लेकिन मैंने कभी एसपीजी (सरदार पटेल ग्रुप) का कभी विरोध नहीं किया है, तो लालजी भाई का विरोध करने का सवाल ही नहीं उठता है.

सवाल- टेप में आप कह रहे हैं कि दो-चार लोग मरे तो मरने दो, लेकिन रैली जारी रहेगी?
जवाब - मेरे अब तक के भाषण में मैंने कहा है कि अगर लाश गिरेगी तो पहले हार्दिक पटेल की लाश गिरेगी.

सवाल - 25 अगस्तह की रैली के लिए क्या आयोजन है?
जवाब - रैली के आयोजन के लिए पाटीदार के 50 हजार युवकों जिम्मेदारी सौंपी गई है. इतना ही नहीं एक सेंटर भी शुरू किया गया है जो इस रैली के बारे में अपटेड देगा.

सवाल - आपको फेमस होने का शौक है, रैली में आप बाउंसर के साथ आने वाले है?
जवाब - बाउंसर क्या होता है वो तो मुझे पता नहीं. मैं मोदी की तरह थ्रीडी शो तो नहीं करवाता और ना ही फेसबुक पेज ऑपरेट करवाता हूं. मैं ये सब कुछ लोगों के लिए कर रहा हूं. ये स्वयंभू आंदोलन है ना तो लोग यहां मुझे देखने आते है ना ही कोई ये सोचकर आता है कि वहां नरेन्द्र मोदी मिलेंगे. पाटीदार समाज के घर-घर में जो समस्या है उसके लिए लोग बाहर से आ रहे हैं.
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