पश्चिम बंगाल: BJP विधायक की मौत के मामले में ट्विस्ट, पैसे के लेनदेन की हो रही जांच

पश्चिम बंगाल: BJP विधायक की मौत के मामले में ट्विस्ट, पैसे के लेनदेन की हो रही जांच
सोमवार को फंदे से लटकता मिला था देबेंद्र नाथ रॉय का शव.

बीजेपी विधायक देबेंद्र नाथ रॉय (Debendra Nath Ray) 2012 से बराबर बलिया समाबे कृषि उन्‍नयन समिति के सचिव थे. इस बैंक में 4.97 करोड़ रुपये जमा होने की बात सामने आई है. जांच में पाया गया कि बैंक में 2.60 करोड़ रुपये से संबंधित कोई भी दस्‍तावेज नहीं मिले हैं.

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नई दिल्‍ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के हेमताबाद में बीजेपी विधायक देबेंद्र नाथ रॉय (Debendra Nath Ray) की मौत के मामले में अब एक नई जानकारी सामने आई है. पुलिस अब इस मामले में पैसों के लेनदेन में गड़बड़ी के एंगल से भी जांच कर रही है. दरअसल देबेंद्र नाथ रॉय 2012 से बराबर बलिया समाबे कृषि उन्‍नयन समिति के सचिव थे. इसे मिन‍ी बैंक भी कहा जाता है. असिस्‍टेंट रजिस्‍ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटी (ARCS) और जांच टीम ने समिति के सभी बैंक अकाउंट की जांच की है. इस बैंक में 4.97 करोड़ रुपये जमा होने की बात सामने आई है. जांच में यह भी पाया गया कि बैंक की ओर से 2.37 करोड़ रुपये का लोन पास किया गया था, लेकिन 2.60 करोड़ रुपये से संबंधित कोई भी दस्‍तावेज नहीं मिले हैं. अब जांच टीम इस पूरे मामले की गहन जांच करने में जुटी है. इसके बाद टीम रिपोर्ट भी सौंपेगी.

बता दें कि बीजेपी विधायक देबेंद्र नाथ रॉय का शव उत्तर दिनाजपुर जिले के बिंदाल गांव में अपने घर के पास एक बंद दुकान के बाहर बरामदे की छत से सोमवार को फंदे पर लटका मिला था. इसके बाद बीजेपी ने ममता सरकार पर हत्‍या का आरोप लगाया था. परिवार ने भी हत्‍या किए जाने का शक जताया था. वहीं इस मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है. इसमें उन्‍होंने कहा है कि हेमताबाद के विधायक देबेंद्र नाथ रॉय की मौत राजनीतिक मामला नहीं लगता, जैसा कि बीजेपी दिखा रही है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी के हेमताबाद के विधायक की मौत के मामले की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है.

वहीं गृह सचिव ने कहा कि रॉय ने उस वक्त जो शर्ट पहनी थी उसमें एक कागज का टुकड़ा मिला है जिस पर रॉय ने कथित तौर पर दो लोगों के नाम लिखे थे, उसमें दोनों के मोबाइल नंबर और फोटो भी थे. उन्होंने कहा था, 'पश्चिम बंगाल पुलिस कागज के टुकड़े में जिन दो लोगों के नाम हैं उनकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है और लगता है कि ये दोनों व्यक्ति इलाके में पैरा बैंकिंग या उधार धन देने का काम करते थे.'



उन्‍होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल पुलिस गैर पंजीकृत बैंकिंग की भी जांच कर रही है. जांच सीआईडी को सौंपी जा चुकी है. निष्पक्ष जांच में किसी भी राजनीतिक या बाहरी चीजों का हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा.' रॉय के परिवार और भाजपा ने दावा किया कि उनकी हत्या टीएमसी ने की है. राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप से इनकार किया है.

मंगलवार को जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि देबेन्द्र नाथ रॉय की मृत्यु फांसी लगने के कारण हुई और उनके शरीर पर कोई अन्य चोट का निशान नहीं पाया गया. बीजेपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्वीकार करने से इंकार कर दिया और सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच की मांग की.
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