INX Media Case: चिदंबरम की गिरफ्तारी को इंद्राणी मुखर्जी ने कहा 'अच्छी खबर', कहा- कार्ति की भी अग्रिम जमानत रद्द हो

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Updated: August 29, 2019, 2:10 PM IST
INX Media Case: चिदंबरम की गिरफ्तारी को इंद्राणी मुखर्जी ने कहा 'अच्छी खबर', कहा- कार्ति की भी अग्रिम जमानत रद्द हो
आईएनएक्स मीडिया की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या मामले में जेल में बंद हैं.

आईएनएक्स मीडिया (INX Media) की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) अपनी बेटी शीना बोरा (Sheena Bora) की हत्या मामले में जेल में बंद हैं. आईएनएक्स मीडिया केस में 30 अगस्त तक जेल में बंद पी चिदंबरम (P Chidambaram) के बारे में जब इंद्राणी से पूछा गया तो उन्होंने इसे गुड न्यूज बताया.

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आईएनएक्स मीडिया (INX Media) मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) की गिरफ्तारी पर इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) ने खुशी जाहिर की है. गुरुवार को मीडिया (Media) के एक सवाल पर इंद्राणी ने पी चिदंबरम की गिरफ्तारी को अच्छी खबर बताया है. गौरतलब है कि आईएनएक्स मीडिया की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी (Peter Mukerjea) के बयानों के आधार पर ईडी और सीबीआई ने चिदंबरम पर शिकंजा कसा था.

आईएनएक्स मीडिया की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या मामले में जेल में बंद हैं. आईएनएक्स मीडिया केस में 30 अगस्त तक जेल में बंद पी चिदंबरम के बारे में जब इंद्राणी से पूछा गया तो उन्होंने इसे गुड न्यूज कहा. इंद्राणी ने कहा, 'मुझे खुशी है कि चिदंबरम गिरफ्तार हुए हैं. मेरी इस मामले पर करीबी नजर है.' इसके साथ ही इंद्राणी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कार्ति चिदंबरम की भी अग्रिम जमानत याचिका रद्द हो.



ईडी की पूछताछ में इंद्राणी ने बताया था कि चिदंबरम ने उनके पति पीटर से कहा था कि FIPB की मंजूरी के बदले उन्हें उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के बिजनेस में मदद करनी होगी. ईडी ने इंद्राणी के बयान के आधार पर चार्जशीट के दर्ज किया और कोर्ट में भी इसे सबूत के तौर पर पेश किया. इंद्राणी ने प्रवर्तन निदेशालय को बताया था कि कार्ति से उनकी और पीटर की मुलाकात दिल्ली के एक होटल में हुई थी और कार्ति ने इस मामले को सुलझाने के लिए 10 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर मांगे थे.
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क्या है पूरा मामला?
15 मार्च 2007 को INX मीडिया ने एफआईपीबी की स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय के सामने आवेदन किया, जिसमें एफआईपीबी ने 18 मई 2017 को इसके लिए सिफारिश की. लेकिन बोर्ड ने INX मीडिया द्वारा INX न्यूज़ में अप्रत्यक्ष रूप से निवेश की अनुमति नहीं दी. यहां तक कि INX मीडिया के लिए भी एफआईपीबी ने सिर्फ 4.62 करोड़ रुपये से ज्यादा के FDI निवेश की अनुमति नहीं दी. सीबीआई के अनुसार INX मीडिया ने नियमों को नजरअंदाज किया और जानबूझकर INX न्यूज़ में 26 प्रतिशत के लगभग निवेश किया. यही नहीं उन्होंने 800 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से अपने शेयर को जारी करके INX मीडिया के लिए 305 करोड़ की एफडीआई जुटाई जबकि उन्हें सिर्फ 4.62 करोड़ रुपये एफडीआई की ही अनुमति थी.

कार्ति चिदंबरम को 28 फरवरी, 2018 को किया गया था गिफ्तार
सीबीआई ने कहा कि कार्ति चिदंबरम के कारण एफआईपीबी से जुड़े अधिकारियों ने न सिर्फ इन चीज़ों की अनदेखी की बल्कि INX मीडिया की सहायता भी की. अधिकारियों ने राजस्व विभाग द्वारा इस मामले के जांच के मांग की भी अनदेखी की. कार्ति चिदंबरम को 28 फरवरी, 2018 को गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई. ED ने कार्ति चिदंबरम की 54 करोड़ रुपये की संपत्ति और मामले से जुड़ी एक कंपनी को कुर्क किया था. मामले में इंद्राणी मुखर्जी की संपत्तियों को भी कुर्क किया गया था.

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First published: August 29, 2019, 2:00 PM IST
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